उठा जागा उत्तराखंडियों सौं उठाणो बगत ऐगे, उत्तराखंड को मान सम्मान बचाणू बगत ऐगे, लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने उत्तराखंडियों से की यह भावुक अपील
देहरादून: उत्तराखंड में मूल निवास व्यवस्था खत्म करने और घोषणा के बावजूद भू कानून न बन पाने से आज हर कोई आहत है। मूल निवास व्यवस्था खत्म होने से जहां स्थानीय लोगों के सामने पहचान का संकट पैदा हो गया है, वहीं भू कानून न बन पाने से बाहरी राज्यों के लोग पहाड़ों को काटने में जुटे हैं। इन्हीं सब मुद्दों को लेकर मूल निवास स्वाभिमान संस्था की ओर से 24 दिसंबर को परेड ग्राउंड से एक महारैली आयोजित करने जा रही है। लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने भी उत्तराखंडवासियों से अपील की है कि इस स्वाभिमान में अपना सहयोग जरूर दें।
लोकगायक ने कहा कि मूल निवास व्यवस्था समाप्त होने से हमारी पहचान का संकट पैदा हो गया है। आज बाहरी राज्यों से 40 लाख से अधिक लोग यहां आकर स्थायी निवासी बन चुके हैं। जिससे हमारे रोजगार,व्यवसाय व नई पीढ़ी का भविष्य अंधकार में जा रहा है। इसलिए 24 दिसंबर को इस मूल निवास स्वाभिमान रैली में अधिक से अधिक संख्या में आकर अपने हक हकूक व स्वाभिमान की लड़ाई को लक्ष्य तक पहुंचाएं।
मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले नरेंद्र सिंह नेगी ने राज्य आंदोलन के दौरान अहम भूमिका निभाई थी। उनके गीतों से प्रेरित होकर लोग घरों से बाहर निकले और आंदोलन में हिस्सा लेकर उत्तराखंड निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। एक बार फिर स्वाभिमान की लड़ाई के लिए लोकगायक ने सभी उत्तराखंडियों से अपील की है कि वह भी इस अभियान का हिस्सा बनें और आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित करें।




