January 28, 2026

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देहरादून: जुलाई 2018 में धूमाकोट क्षेत्र में हुए बस हादसे के पांच मृतकों के आश्रितों को बीमा कंपनी एक करोड़ रुपये…

कोटद्वार: शहर के लकड़ी पड़ाव क्षेत्र में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट खूनी संघर्ष में बदल गया। संघर्ष में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। बबाल के बाद क्षेत्र में पीएसी तैनात कर दी गई है। पुलिस हर घर पर नजर बनाए हुई है। संघर्ष में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों का…

देहरादून: उत्तराखंड का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इस पर सभी की निगाहें भाजपा के केंद्रीय…

देहरादून: विधानसभा चुनाव संपन्न हो गए हैं और चुनावों में कांग्रेस की करारी हार हुई है।इसी बीच एक बार फिर शुक्रवार को नमाज की छुट्टी का जिन्न बाहर आ गया है। शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली है। हरीश ने कहा पराजय के बाद पराजित सेनापति को हमेशा उलाहना और आलोचनाएं सुननी पड़ती हैं, मैं…

देहरादून: विधानसभा चुनावों में दिग्गजों को हराकर सदन तक पहुंचे 70 वि‌धायकों में से 19 पर आपराधिक और 10 पर गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। शुक्रवार को…

देहरादून: भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बावजूद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की हार के बाद अब सवाल यह उठने लगा है कि उत्तराखंड का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। विधायकों में से कैबिनेट मंत्री व पार्टी के वरिष्ठ नेता सतपाल महाराज का नाम मुख्यमंत्री का नाम सबसे आगे चल रहा है। वहीं श्रीनगर सीट से दूसरी बार चुनाव जीते धन सिंह रावत भी मुख्यमंत्री की दौड़ में हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी पार्टी के रूप देख रही है। वहीं गैर विधायकों में सांसद अनिल बलूनी का नाम भी खूब चर्चाओं में है। बलूनी केंद्रीय संगठन से जुड़े हैं और केंद्र में उनकी अच्छी पकड़ है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह उन्हें उत्तराखंड की सत्ता की चाबी थमा सकते हैं। दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी मुख्यमंत्री की दौड़ में कहीं पीछे नहीं है। इसका बड़ा कारण यह भी है कि…

देहरादून: बहू कोलैंसीडौन विधान सभा सीट से टिकट दिलाने के लिए बागी हुए पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ना तो कांग्रेस को सत्ता की सीढ़ी तक पहुंचा सके और न ही अपनी बहू अनुकृति गुसाईं को जीत दिलवा  सके। बहू की इस हार के साथ ही हरक सिंह की हनक भी खत्म हो गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत की बहू…

देहरादून: अपने छोटे से कार्यकाल में धुंआधार पारी खेलने वाले पुष्कर सिंह धामी ने टीम की नैय्या तो पार लगा दी, लेकिन खुद मझदार में फंस गए। भाजपा को वह पूर्ण बहुमत दिलाने में कामयाब तो हो गए, लेकिन अपनी सीट नहीं बचा पाए, ऐसे में प्रदेश में नए मुख्यमंत्री के लिए नए चेहरे की तलाश शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि…