January 29, 2026

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रुद्रप्रयाग: मेरी बामणी.. गीत से पूरे उत्तराखंड ही नहीं अनेक प्रदेशों में विशेष प्रसिद्धि पा…

देहरादून: दो साल के बाद होने जा रही कांवड़ यात्रा में इस बार चार करोड़ से भी अधिक कांवड़िए आने की…

ऋषिकेश : दिल्ली से घूमने के लिए ऋषिकेश पहुंचे दो युवक शिवपुरी के पास गंगा नदी में डूब गए।  सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ की टीम युवकों की तलाश में जुट गई, लेकिन अंधेरा होने तक उनका पता नहीं लग पाया। ऐसे में फिलहाल आपरेशन बंद कर दिया गया है। सोमवार सुबह दोबारा आपरेशन चलाया जाएगा।…

लालढांग: लालढांग वन चौकी चौराहे पर रविवार को जीएमओ की बस से उतरते समय 14 वर्षीय कशिश निवासी भौंता थाना कोटद्वार…

रुद्रप्रयाग: रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर काकड़ागाड़ के समीप रविवार को बड़ा हादसा हो गया। यहांयात्री वाहन का शीशा तोड़कर अंदर घुसे पत्थर से एक यात्री की मौत…

ऋषिकेश: बहु को बेटी की तरह विदा कर ऋषिकेश के लखेड़ा दंपत्ति ने समाज में सकारात्मक संदेश दिया है। उन्होंने संदेश दिया है कि रुकने का नहीं आगे बढ़ने का ही नाम जिंदगी है।ऋषिकेश के खैरीखुर्द के रहने वाले आनंदस्वरूप लखेड़ा के बेटे प्रशांत लखेड़ा की शादी 24 नवंबर  2020 को कंचन के साथ हुई थी। शादी के छह महीने बाद ही 26 मई 2021 को कोरोना ने कंचन की खुशियां छीन ली।  केवल 25 साल की उम्र में ही विधवा हुई कंचन के सामने पहाड़ जैसी जिंदगी पड़ी हुई थी। इस बात को लेकर परिजन काफी चिंतित थे। लखेड़ा दंपत्ति ने बहु की खुशियों के खातिर उसके लिए रिश्ता ढूंढना शुरू कर दिया।हमीरपुर हिमाचल प्रदेश के रहने वाले सुशील डोगरा से शादी की बात आगे चली। ऐसे में 24 जून को कंचन ने सुशील डोगरा के साथ मंदिर में सात फेरे लिए। लखेड़ा परिवार के इस…

देहरादून: झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्य के साथ आस्तित्व में आए उत्तराखंड  में सरकार के कदम पिछले दो दशकों के लिए भारी भरकम बोझ तले लड़खड़ा रहे हैं। यदि कर्ज को औसतन प्रतिव्यक्ति के हिसाब से आंके तो उत्तराखंड पर झारखंड व छत्तीसगढ़ से दोगुने से अधिक कर्ज चढ़ा है। रिजर्व बैंक आफ इंडिया के आंकड़ों के अनुसार 2021 तक उत्तराखंड पर 75,351 कराेड़ रुपये के ऋण का संशोधित अनुमान है। यहां औसतन प्रति व्यक्ति 65 हजार कर्ज के नीचे दबा हुआ है।इस बोझ को उतारने और उसका ब्याज चुकाने के लिए प्रदेश सरकार को अपनी क्षमताओं से बढ़कर प्रदर्शन करना होगा। जानकारों केमुताबिक अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए अब सरकार के पास अपने आर्थिक संसाधनों में बढ़ाेतरी करने के अलावा कोई चारा नहीं रह गया है।  फिलहाल सरकार के पास अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार के दरवाजे पर फरियाद लगाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। धर्मशाला हिमाचल प्रदेश में पिछले दिनों हुई मुख्य…