अपराध

प्रापर्टी डीलर, रियल एस्टेट एजेंट एवं ब्रोकर का होगा सत्यापन, डीजीपी का कड़ा रुख

देहरादून: गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड के बाद पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने व संदिग्ध व्यक्तियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।अभियान के अंतर्गत मल्टी स्टोरी अपार्टमेंटस, आश्रम, धर्मशालाएं, किराए के मकान, फ्लैट, पीजी, होम-स्टे, होटल एवं गेस्ट हाउस में निवासरत व्यक्तियों का सत्यापन किया जाएगा। प्रापर्टी डीलर, रियल एस्टेट एजेंट एवं ब्रोकर का सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा तथा उनके माध्यम से कराए गए किरायेदारी अनुबंधों की जांच की जाएगी। बिना पुलिस सत्यापन किरायेदारी कराने अथवा संदिग्ध व्यक्तियों को आश्रय देने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

डीजीपी ने बताया कि होम डिलीवरी सेवाओं, ई-कामर्स प्लेटफार्म से जुड़े डिलीवरी एजेंटों, सिक्योरिटी एजेंसी स्टाफ, कैब संचालकों तथा इंडस्ट्रियल एरिया में ठेकेदारों का विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। अमेजन, जोमेटो, ब्लिंकिट सहित विभिन्न आनलाइन सेवाओं से संबद्ध कार्मिकों की पहचान एवं सत्यापन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी। अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीकी साधनों एवं केंद्रीय डाटाबेस का उपयोग किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि अवैध रूप से निवास कर रहे प्रवासियों, विशेष रूप से अवैध घुसपैठियों, बांग्लादेशी तथा वीजा अवधि समाप्त होने के उपरांत भी ठहरे हुए विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश के समस्त रिहायशी क्षेत्रों, माल, शापिंग कांपलेक्स, सर्विस सेंटर, कोचिंग संस्थान, जिम, स्कूल, विश्वविद्यालय, ट्रांसपोर्ट एजेंसियों, ब्यूटी पार्लर एवं सैलून जैसे प्रतिष्ठानों में उच्च कोटि के सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता, उनकी कार्यशील स्थिति एवं रिकार्डिंग व्यवस्था का परीक्षण किया जाएगा। तैनात सुरक्षा कर्मियों का चरित्र सत्यापन कर उन्हें आवश्यक सुरक्षा ब्रीफिंग प्रदान की जाएगी।

सीओ से लेकर आइजी रेंज स्तर तक होगी समीक्षा
अभियान के दौरान जनपदीय पुलिस, स्थानीय अभिसूचना इकाई, एसओजी एवं एसटीएफ की ओर से समन्वित रूप से कार्रवाई की जाएगी। प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण कर आवश्यकतानुसार अन्य राज्यों एवं केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक थाना स्तर पर विशेष फील्ड टीमों का गठन किया गया है। सीओ से लेकर आइजी रेंज स्तर तक समीक्षा व्यवस्था लागू की गई है। क्षेत्रों में निवासरत एकल नागरिकों एवं वरिष्ठ नागरिकों का चिन्हीकरण कर उनकी सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाएगा। उनकी सेवा में लगे घरेलू सहायकों, केयर-टेकर, ड्राइवर एवं अन्य सहयोगी कार्मिकों का भी अनिवार्य सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस का यह व्यापक अभियान महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। पूरे अभियान की मानिटरिंग के साथ-साथ हर स्तर पर जवाबदेही तय की गई है। आपराधिक तत्वों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।

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