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Big News: जेल में बंद कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि का गुर्गा भाजपा नेता गिरफ्तार

देहरादून: हत्या, रंगदारी, सुपारी जैसे दर्जनों संगीन अपराधों में सितारगंज जेल में बंद कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि के गुर्गे भाजपा पार्षद को उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने गिरफ्तार किया है। एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति के नाम से प्रार्थना पत्र एसटीएफ को प्राप्त हुआ था।

बताया गया कि प्रवीण वाल्मीकी जोकि पूर्व में कुख्यात सुनील राठी गैंग का सदस्य रह चुका है और हरिद्वार में कई प्रकार के संगीन अपराधों जैसे हत्या, रंगदारी आदि को घटित कर चुका है और वह वर्तमान में सितारगंज जेल में रहते हुए भी अपने गुर्गो के माध्यम से हरिद्वार में पार्किंग के ठेके के अलावा लोगों को डरा धमकाकर उनकी बेशकीमती जमीनों को अवैध रुप से विक्रय कर रहा है। सूचना पर एसटीएफ़ के अपर पुलिस अधीक्षक स्वपन किशोर सिंह, पुलिस उपाधीक्षक आरबी चमोला के नेतृत्व में जांच शुरु की गई तो तथ्यो की पुष्टि होने पर एसटीएफ के निरीक्षक एनके भट्ट की ओर से थाना गंगनहर में कुख्यात गैंगस्टर प्रवीण वाल्मिकी उसका भतीजा मनीष बाँलर, पंकज अष्ठवाल सहित छह लोंगो के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया।

बुधवार रात को एसटीएफ की टीम ने आरोपी मनीष बाँलर और पंकज अष्ठवाल निवासी ग्राम सुनेहरा थाना गंगनहर जनपद हरिद्वार को गिरफ्तार किय़ा गय़ा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रुड़की क्षेत्र के ग्राम सुनेहरा के रहने वाले श्याम बिहारी की वर्ष 2014 में मृत्यु हो गई थी जिसकी करोड़ो रुपए की बेशकीमती संपत्ति ग्राम सुनेहरा क्षेत्र में स्थित है। श्याम बिहारी की मृत्यु के पश्चात इस संपत्ति की देखभाल उसका छोटा भाई कृष्ण गोपाल कर रहा था। वर्ष 2018 में प्रवीण वाल्मीकि गैंग ने इस संपत्ति को कब्जा करने की नियत से कृष्ण गोपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके पश्चात इस संपत्ति की देखभाल श्याम बिहारी की पत्नी रेखा करने लगी।

प्रवीण वाल्मीकि ने रेखा को धमकाकर संपत्ति अपने नाम पर करने के लिए दबाव बनाया लेकिन वह नहीं मानी तो उसके भाई सुभाष पर वर्ष 2019 में वाल्मीकि ने अपने भतीजे मनीष बॉलर व उसके साथियों के साथ गोली चलवाई। इस मामले में गंगनहर में मुकदमा दर्ज किया गया। इन दोनों घटनाओं से रेखा का परिवार डर गया और वह रुड़की क्षेत्र छोड़कर कहीं अज्ञात स्थान पर छिप कर रहने लगे । इसके बाद रेखा व कृष्ण गोपाल की संपत्ति को प्रवीण वाल्मिकी व उसके सदस्यों ने फर्जी रेखा व कृषण गोपाल की पत्नी स्नेहलता बनाकर फर्जी पाँवर अटार्नीय तैयार की गई तथा इन सम्पत्तयों को आगे बेचा गया। इस काम में मनीष बाँलर का सहयोगी पंकज अष्टवाल था, जिसने रेखा की फर्जी पावर अटार्नी अपने नाम करवाकर करोंड़ो मूल्य की सम्पत्ति को खुर्द बुर्द कर आगे बेचा। प्रवीण वाल्मीकि गैंग का इतना भय था कि इस परिवार ने अपनी जान माल की रक्षा के लिए किसी से कोई भी शिकायत नहीं दर्ज कराई गई।

वर्ष 2022 में हरिद्वार जेल में प्रवीण वाल्मीकि और सुनील राठी दोनो जनपद हरिद्वार कारागार में बंद थे। इसी जेल में जानसठ मुजफ्फरनगर का रहने वाला संदीप कुमार एरोन नाम का व्यक्ति भी बंद था जिसकी करीब 3:30 करोड रुपए की संपत्ति कनखल क्षेत्र में स्थित थी जिस पर उस दौरान कब्जे का विवाद चल रहा था। प्रवीण वाल्मीकि ने अपने भतीजे मनीष बॉलर और संजय चांदना को जेल में मिलाई के दौरान बताया कि एरोन की संपत्ति से कब्जा हटना है और यह संपत्ति के लिए एरोन को केवल 50–60 लाख रुपए ही देने है। इसके बाद मनीष बॉलर व संजय चांदना जनवरी 2023 में जब आरोन जेल से छूट के आता है उक्त संपत्ति का एक एग्रीमेंट बिना कोई पैसे दिए अपने नाम पर कर देते हैं। परंतु इसके बाद उक्त संपत्ति के बारे में एक अन्य अपराधी आशीष शर्मा @ टुली जो कि महंत हत्या के केस में हरिद्वार जेल में गया था सुनील राठी को जानकारी देता है तो सुनील राठी द्वारा प्रवीण वाल्मीकि को धमका कर मनीष बॉलर और संजय चांदना की नाम के एग्रीमेंट को खत्म करवा दिया गया ।

इस प्रकरण में अभी तक वाल्मिकी गैंग के 02 सदस्य मनीष बाँलर एवं पंकज अष्टवाल को गिरफ्तार किया गया है। जिनसे पूछताछ में फर्जी रेखा व संलिप्त सदस्यों की जानकारी प्राप्त हुई है जिनकी शीघ्र गिरफ्तारी की जायेगी साथ ही इस प्रकरण के अलावा प्रवीण वाल्मिकी गैंग द्वारा अब तक किये गये अन्य व्यक्तियों के भूमि कब्जे से संबधित मामले प्रकाश में आये है, जिन पर आगे जांच कर कार्यावाही की जायेगी।

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