August 17, 2026

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लापरवाही पर JE पर गिरी गाज, एमडी (यूपीसीएल) ने किया सस्पेंड, करंट लगने से मां-बेटी की हुई थी मृत्यु

देहरादून। ऋषिकेश के खदरी ग्रामसभा में बिजली का तार टूटने से हुई महिला और उसकी दो वर्षीय बच्ची की मौत के मामले में उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने कड़ी कार्रवाई की है। प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने रायवाला विद्युत वितरण उपखंड के अवर अभियंता शम्भू प्रसाद बहुगुणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही हादसे की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है।

16 अगस्त की शाम खदरी ग्रामसभा में तेज वर्षा और हवाओं के बीच एलटी लाइन का तार टूटकर कच्ची सड़क पर जमा पानी में गिर गया। इसी दौरान रास्ता पार कर रही एक महिला और उसकी दो वर्षीय बच्ची तार की चपेट में आ गईं। करंट लगने से दोनों की मौके पर ही अकस्मात मृत्यु हो गई। घटना के दौरान स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना विद्युत विभाग के उपखंड कार्यालय को दी। करंट फैलने की जानकारी मिलते ही 11 केवी रायवाला रूरल फीडर की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक ने तत्काल आपात बैठक बुलाकर पूरे मामले की समीक्षा की। उन्होंने मृतक परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दुर्घटना के कारणों और परिस्थितियों की गहन जांच के निर्देश दिए। प्रथम दृष्टया जिम्मेदारी तय होने पर अवर अभियंता शम्भू प्रसाद बहुगुणा को निलंबित किया गया है।

जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति में मुख्य अभियंता कारपोरेट (नियोजन एवं तकनीकी सम्प्रेक्षा) ई. राजकुमार, मुख्य अभियंता (परियोजना) ई. मोहित जोशी और मुख्य अभियंता (सीएसएस एंड ईएपी) ई. अमित कुमार को शामिल किया गया है। समिति को तत्काल अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेशभर में चलेगा विशेष सुरक्षा अभियान
हादसे के बाद यूपीसीएल ने प्रदेशभर में विद्युत लाइनों और अन्य विद्युत परिसंपत्तियों की विशेष सुरक्षा जांच एवं निवारक अनुरक्षण अभियान चलाने का फैसला किया है। सभी वितरण खंडों को एलटी लाइनों की सघन जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। ज्वाइंट, टर्मिनल और कनेक्शन समेत संवेदनशील बिंदुओं की लोड की स्थिति में थर्मल विजन कैमरों से जांच होगी। हॉट स्पॉट या असामान्य तापमान मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा 33/11 केवी एचटी लाइन, पोल, ट्रांसफार्मर, एलटी नेटवर्क, इंसुलेटर, अर्थिंग और सुरक्षा व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। जलभराव वाले क्षेत्रों, बाजारों, घनी आबादी, विद्यालयों और अस्पतालों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

20 सर्वाधिक संवेदनशील स्थान चिन्हित

यूपीसीएल ने प्रत्येक डिवीजन को विद्युत सुरक्षा की दृष्टि से 20 सर्वाधिक संवेदनशील स्थान चिन्हित कर प्राथमिकता से सुधार कराने के निर्देश दिए हैं। संबंधित अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता अभियान की निगरानी करेंगे। प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया है कि विद्युत सुरक्षा में किसी भी स्तर की लापरवाही या उदासीनता मिलने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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