
देहरादून: विजिलेंस ने सहायक नियंत्रक विधिक माप विज्ञान (बांट तथा माप) उप सम्भाग ऊधमसिंहनगर, शांति भण्डारी को 10 हजार रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथो गिरफ्तार किया है। एक व्यक्ति ने विजिलेंस सैक्टर हल्द्वानी शिकायत दी कि उसका हर प्रकार के वजन तौलने वाले काटे बांट बेचने व उनको ठीक करने का कार्य हैं। जिसके लिए विधिक माप विज्ञान वाट माप विभाग (खाद्य आपूर्ति विभाग) से इस कार्य को करने के लिए लाइसेंस बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया था।
बाट माप विभाग की अधिकारी शांति भंडारी जोकि वरिष्ठ निरीक्षक किच्द्रा, सहायक नियंत्रक उधमसिंह किच्छा ऑफिस में दो पदो पर कार्यरत है, के द्वारा फाइल को आगे बढ़ाने व लाइसेंस बनाने के लिए 70 हजार की रिश्वत मांगी गई। 50 हजार देने पर उसने लाइसेंस तो बना दिया लेकिन पिछले चार पांच महीनो में शांति भंडारी ने बाकी की रकम न देने पर लाइसेंस निरस्त करने की धमकी देकर रिश्वत की मांग की।
जांच प्रथम दृष्टया सही पाये जाने पर विजिलेंस ट्रैप टीम का गठन किया गया। टीम ने कार्यवाही करते हुए शांति भण्डारी, सहायक नियंत्रक विधिक माप विज्ञान (बांट तथा माप) जिनके पास प्रभारी वरिष्ठ निरीक्षक विधिक माप विभाग किच्छा जनपद ऊधमसिंहनगर का भी प्रभार है, को उनके शिवपुरम् कालोनी, निकट चीनी मिल, हल्द्वानी रोड किच्छा स्थित कार्यालय में शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस की टीम आरोपी के आवास की तलाशी व अन्य स्थानों पर चल-अचल संपत्ति के सम्बन्ध में पूछताछ कर रही है।
निदेशक सतर्कता डॉ. वी मुरुगेशन ने ट्रैप टीम को नकद पुरस्कार में पुरस्कृत करने की घोषणा की है।




