जन प्रतिनिधियों की रिपोर्ट

नरभक्षी भालू पकड़ा नहीं जाता या ट्रैंक्यूलाईज नहीं होता तो मारने के आदेश

देहरादून: पौड़ी गढ़वाल के पैठाणी क्षेत्र में नरभक्षी बने भालू को आदमखोर घोषित कर अंतिम विकल्प के रूप उसे मारने के निर्देश दे दिए गए हैं। गढ़वाल वन प्रभाग की पैठाणी रेंज के अंतर्गत कुण्डिल, कुचोली, सौंठ, कठयूड़, कुठ और खण्डतल्ला गांवों में भालू ने आतंक मचा रखा है। महिलाओं का खेत व जंगल जाना मुश्किल हो रखा है वहीं बच्चे ख़ौफ़ में स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।

क्षेत्र निवासियों ने भालू से निजात दिलाने के लिए स्थानीय विधायक व कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत से मुलाकात की। लोगों की समस्या व ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने गुरुवार को अपने यमुना कालोनी स्थित उनके शासकीय आवास पर वन विभाग की बैठक की। बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। बैठक में पर चर्चा की गई और ग्रामीणों को भालू से निजात दिलाने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिये।

बैठक में जनप्रतिनिधियों ने बताया कि भालू द्वारा स्थानीय लोगों की मवेशियों को निरंतर निवाला बनाया जा रहा है। अब तक दो दर्जन से अधिक मवेशी भालू के शिकार हो गये हैं। साथ ही स्कूली बच्चों व आम लोगों को भी जान का खतरा बना हुआ है। बैठक में कैबिनेट मंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को भालू के आतंक से निजात दिलाने के निर्देश दिये। जिसके क्रम में प्रमुख वन संरक्षक (वन्य जीव) ने अंतिम विकल्प के रूप भालू को नष्ट के आदेश जारी कर दिये हैं।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में सबसे पहले पिंजरे लगाकर भालू को सुरक्षित पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। असफल होने की स्थिति में ट्रैंक्यूलाईज कर पकड़ने की कार्यवाही की जाएगी। यदि सभी प्रयास नाकाम साबित होते हैं तो ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अंतिम विकल्प के रूप में भालू को नष्ट करने की अनुमति दी गई है।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा “ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता भयमुक्त जीवन जी सके। बैठक में अपर सचिव वन सी रवि शंकर, प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्रा, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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