
देहरादून: पैनेसिया अस्पताल मैनेजमेंट सोसाइटी के कोषाध्यक्ष व उपाध्यक्षा ने अपने ही पूर्व सचिव पर 25 लाख रुपये के गबन का आरोप लगाया है। आरोप है कि पूर्व सचिव ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर अस्पताल मैनेजमेंट सोसाइटी में गबन किया। इस मामले में नेहरू कालोनी थाना पुलिस ने पूर्व सचिव विक्रम सिंह रावत निवासी पशुलोक लेन नंबर एक ऋषिकेश के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस को दी तहरीर में सोसाइटी के कोषाध्यक्ष रणवीर सिंह चौहान व उपाध्यक्ष शुभम चंदेल ने बताया कि सोसाइटी में विक्रम सिंह 31 जुलाई 2024 तक सचिव थे व अस्पताल समिति के सभी कार्य, बाउचर बिल, दस्तावेज, भुगतान का दायित्व उन्हीं के पास था।
उन्होंने बताया कि विक्रम सिंह रावत पैनेसिया अस्पताल मैनेजमेंट सोसाइटी के हितों के विरुद्ध जाकर कार्य करने लगा। जब इसकी भनक सोसाइटी को लगी तो उन्हें पद से त्यागपत्र देने को कहा गया। जिसके बाद उन्होंने पद से त्यागपत्र दे दिया जिसे अस्पताल सोसाइटी ने 31 जुलाई 2024 को उनका त्यागपत्र स्वीकार कर लिया। इससे पूर्व काफी समय से विक्रम सिंह रावत ने अस्पताल में आना कम कर दिया था। जब उन्हें सभी दस्तावेज जो उनके पास से वापस देने को कहा गया तो वह आनाकानी करने लगा व उल्टा धमकी देने लगा। जांच पड़ताल करने पर सामने आया कि विक्रम सिंह रावत ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर आपराधिक षड़यंत्र कर पैनेसिया अस्पताल मैनेजमेंट सोसाइटी में लाखों रुपये का गबन किया व अस्पताल में फर्जी बिल व बाउचर के जरिए 15 लाख रुपये ज्योति बगवाड़ी को हस्तांतरित करने की और पांच लाख रुपये राजीव राणा के नाम पर हस्तांतरित करने की स्वीकृति ली और इसके बाद बाउचर गायब कर दिए।
शिकायतकर्ता ने बताया कि जांच में यह तथ्य भी सामने आए हैं कि विक्रम सिंह ने यह देय व्यक्ति रूप से किए हैं, इसमें समिति का कोई लेना देना नहीं है। आरोप है कि विक्रम सिंह ने अस्पताल के कैश बाउचर के माध्यम से यह धनराशि आहरित की है धनराशि को निजी प्रयोग में इस्तेमाल किया। इस संबंध में जब विक्रम सिंह रावत से संपर्क करने का प्रयास किया तो उसने धमकाना शुरू कर दिया और झूठी शिकायत करके ढाई करोड़ रुपये देने के लिए समिति पर दबाव डाला जा रहा है। जानकारी में यह बात सामने आई है कि विक्रम सिंह ने खुद को पैनेसिया अस्पताल मैनेजमेंट का साझेदार व निदेशक और शेयरों का मालिक बताकर कुछ निवेशकों को धोखाधड़ी कर रहा है। थानाध्यक्ष नेहरू कालोनी मोहन सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर पूर्व सचिव विक्रम सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।




