अपराध

देहरादून के नामी बिल्डर बाबा साहनी की आत्महत्या मामले जेल गए गुप्ता बंधु, उत्तराखंड से दक्षिण अफ्रीका तक फैलाया था साम्राज्य

देहरादून: शहर के नामी बिल्डर सतेंद्र सिंह साहनी उर्फ बाबा साहनी की आत्महत्या के मामले में आरोपित अजय कुमार गुप्ता व उनके बहनाेई अनिल गुप्ता (गुप्ता बंधु) को राजपुर थाना पुलिस ने बाद दोपहर करीब चार बजे अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) तृतीय शायस्ता बानो की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों आरोपितों को 14 दिनों तक न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश जारी किए। गुप्ता बंधु का साम्राज्य उत्तराखंड ही नहीं उत्तर प्रदेश व दक्षिण अफ्रीका तक फैला हुआ है।

कारोबार में पार्टनरशिप के विवाद में शहर के नामी बिल्डर बाबा साहनी ने शुक्रवार को अपनी विवाहित बेटी के सहस्रधारा रोड पर पैसेफिक गोल्फ अपार्टमेंट में आठवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। उनकी जेब से मिले सुसाइड नोट व उनके बेटे के बयान के आधार पर पुलिस ने सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के निवासी चर्चित अजय कुमार गुप्ता व उनके बहनोई अनिल गुप्ता (गुप्ता बंधु) के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया। त्वरित कार्रवाई करते हुए राजपुर थाना पुलिस ने दोनों आरोपितों को उनके कर्जन रोड स्थित आवास से हिरासत में लेते हुए पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

शुक्रवार सारी रात दोनों आरोपित राजपुर थाने के हवालात में रहे, जहां पूछताछ के बाद थानाध्यक्ष पीडी भट्ट की देखरेख में दोनों को अदालत में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि अजय कुमार गुप्ता व उनका बहनोई बिल्डर सतेंद्र सिंह साहनी को धमकियां दी जा रही थी। आरोपितों ने सहारनपुर में बिल्डर के खिलाफ शिकायत भी दी, जिसके कारण सहारनपुर पुलिस उन्हें लगातार पेश होने का दबाव बना रही थी। तनाव में आकर बिल्डर ने अपनी बेटी के पैसेफिक गोल्फ अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट की बालकनी से छलांग लगा दी। आत्महत्या करने से पहले बिल्डर ने सुसाइड नोट भी लिखा, जोकि उनकी जेब से बरामद हुआ है। सुसाइड नोट के आधार पर दोनों आरोपितों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज करते हुए शुक्रवार शाम को देानों को गिरफ्तार किया गया। वहीं बचाव पक्ष ने कहा कि प्रोजेक्ट पर गुप्ता बंधु 19 करोड़ रुपये दे चुके हैं, ऐसे में वह साइट पर केवल हिसाब किताब पूछने के लिए जा रहे थे। नौ मई के बाद गुप्ता बंधुओं का सतेंद्र साहनी से कोई संपर्क नहीं हुआ है, ऐसे में धमकी देने का सवाल ही नहीं बनता। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश जारी किए।

यह है पूरा मामला

रेसकोर्स निवासी बिल्डर सतेंद्र सिंह साहनी वर्तमान में साहनी स्ट्रक्चर एलएलपी व साहनी इंफ्रा एलएलपी के नाम से सहस्रधारा हेलीपैड के निकट और राजपुर रोड पर अम्मा कैफे के पास दो आवासीय परियोजनाओं का निर्माण करा रहे थे। इसमें पूर्व में दो पार्टनर थे, जिसमें एक सतेंद्र साहनी व दूसरा बिल्डर संजय गर्ग था। परियोजना का बजट काफी अधिक होने के कारण सतेंद्र साहनी ने अपने परिचित भाजपा नेता बलजीत सोनी से संपर्क कर उनकी परियोजना के लिए किसी बड़े फाइनेंसर की तलाश करने को कहा। बलजीत सोनी ने उनकी मुलाकात सहारनपुर के चर्चित कारोबारी अनिल गुप्ता से कराई।

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