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विभागीय समस्याओं को अब सीधे मुख्यालय के सामने नहीं रखेंगे पुलिस अधिकारी व कर्मचारी, पहले प्रभारी के समक्ष रखनी होगी समस्या, पूर्व डीजीपी के इस आदेश को किया निरस्त

देहरादून: पुलिस अधिकारी व कर्मचारी विभागीय समस्याओं को पुलिस मुख्यालय करने के बजाए अब अपने थाना व शाखा प्रभारी को भेजेंगे। समस्या का समाधान न होने पर ही उच्चाधिकारियों के समक्ष समस्या रखेंगे। पूर्व डीजीपी अशोक कुमार की ओर से शुरू की गई व्यवस्था को खत्म करते हुए पुलिस मुख्यालय की ओर से नई व्यवस्था शुरू की गई है। अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं।

अपर पुलिस महानिदेशक अमित कुमार सिन्हा के अनुसार देखा जा रहा है कि पुलिस विभाग में नियुक्त अराजपत्रित अधिकारी व कर्मचारियों की ओर से अपनी विभागीय समस्याओं के संबंध में अपने एवं जनपद व इकाई प्रभारी व परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक व उप महानिरीक्षक को कोई अनुरोध पत्र न भेजकर पुलिस मुख्यालय के वाट्सएप 9411112780 पर भेजे जा रहे हैं, जोकि अनुशासन की दृष्टि से उचित नहीं है। इसलिए मुख्यालय के मोबाइल नंबर पर सीधे अनुरोध पत्र भेजने की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती है।

पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी किया गया आदेश।

पुलिस मुख्यालय की ओर से निर्देशित किया गया है कि पुलिस विभाग के अराजपत्रित अधिकारी व कर्मचारी अपनी विभागीय समस्या के निराकरण के लिए सबसे अपने थाना व शाखा प्रभारी को अनुरोधपत्र भेजेंगे। इसके बाद समस्या का समाधान न होने पर जनपद व इकाई प्रभारी एवं इसके बाद परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक व उपमहानिरीक्षक को अनुरोध पत्र भेजेंगे। यदि इसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं होता है तो संबंधित अराजपत्रित अधिकारी व कर्मचारी जनपद व इकाई प्रभारी से अनुमति प्राप्त करने के बाद पुलिस मुख्यालय में उपस्थित होकर अपनी समस्याओं से अवगत करा सकेंगे।

पहले यह की गई थी व्यवस्था

पुलिस के पूर्व मुखिया अशोक कुमार की ओर से पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की विभागीय समस्याओं के समाधान के लिए वाट्सएप नंबर 9411112780 जारी किया था। कोई भी अधिकारी व कर्मचारी अपनी समस्या को वाट्सएप नंबर पर भेजता था, जिस पर प्रति सप्ताह समीक्षा होती थी। इसके बाद उस पर निर्णय लिया जाता था। वर्तमान डीजीपी अभिनव कुमार ने निर्देश जारी किए हैं कि यदि किसी की कोई समस्या है तो वह पहले अपने प्रभारी के सामने रखें। यदि उस स्तर पर समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है तो उच्च स्तर पर जाएं। यदि फिर भी समस्या का समाधान नहीं हुआ उस दशा में भी प्रभारी से अनुमति प्राप्त करने के बाद ही मुख्यालय आएंगे।

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