देहरादून: रजिस्ट्री फर्जीवाड़े में एसआइटी ने इंग्लैड में रहने वाली महिला की देहरादून स्थित करोड़ों रुपये की जमीन बेचने वाले एक और गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसआइटी ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें दो आरोपित उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जबकि एक देहरादून का रहने वाला है। इस गिरोह का सरगना भी सहारनपुर का भूमाफिया कुंवरपाल है, जिसने आरोपितों को जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर दिए थे। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आरोपितों ने एक पार्टी को जमीन तीन करोड़ 10 लाख रुपये में बेच दिया, जिसमें से एक करोड़ 90 लाख रुपये ले भी लिए थे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि रजिस्ट्री फर्जीवाड़े में अब तक नौ मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 13 आरोपितों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। छह अक्टूबर को गिरफ्तार किए गए जाली हस्ताक्षर करने में माहिर अजय मोहन पालीवाल ने पूछताछ में बताया कि उसने कमल बिरमानी, केपी सिंह के साथ मिलकर कई जमीनों के फर्जी विलेख पत्रों में फर्जी लेख एवं हस्ताक्षर बनाए थे, जिसका प्रयोग कर उन्होंने जमीनों को बेचकर करोड़ों रुपये कमाए। पूछताछ में आरोपित ने यह भी बताया कि उसने कुंवरपाल सिंह के कहने पर एक एनआरआइ महिला रक्षा सिन्हा की राजपुर रोड स्थित जमीन के फर्जी विलेख पत्र रामरतन शर्मा के नाम से बनाकर देहरादून निवासी ओमवीर व मुजफ्फरनगर निवासी सतीश व संजय को बेचने जाने की बात बताई थी।

अजय मोहन पालीवाल के बयानों के आधार पर जांच की गई तो पता चला कि राजपुर रोड मधुबन होटल के सामने एनआरआइ महिला रक्षा सिन्हा की करीब ढाई बीघा जमीन है, जिसके फर्जी दस्तावेजों को रजिस्ट्रार कार्यालय में संबंधित रजिस्टर में लगा देने के संबंध में शहर कोतवाली में एक मुकदमा दर्ज किया गया था। शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राकेश गुसांई व उनकी टीम ने जांच के बाद आरोपित ओमवीर तोमर निवासी सेक्टर-2 डिफेंस कालोनी नेहरू कालोनी, सतीश कुमार निवासी जनकपुरी रुड़की रोड थाना सिविल लाइन मुजफ्फरनगर यूपी और संजय कुमार शर्मा निवासी नई मंडी मुजफ्फरनगर यूपी को गिरफ्तार कर लिया।

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