देहरादून: मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों के लिए प्रचंड गर्मी की चेतावनी जारी की है। नौ और 10 अप्रैल को ऑरेंज अलर्ट जबकिम 11 और 12 अप्रैल…
पिता ने दिखाया रास्ता तो वर्दी पहनकर उत्तराखंड पुलिस की शान बनीं चार सगी बहनें, यह है सफलता की कहानी
हल्द्वानी : अगर दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं है। पिता ने बड़ी बेटी को पुलिस में जाने की राह दिखाई तो बाकी…
देहरादून: भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने के लिए उत्तराखंड सरकार ने अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए जनता के लिए 1064 नंबर व वेब एप जारी किया…
देहरादून: लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी को शनिवार को प्रतिष्ठित संगीत नाट्य अकादमी पुरस्कार प्रदान किया…
पौड़ी: चुनाव जीतने के बाद पहली बार विधानसभा क्षेत्र पहुंचे कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज का जोरदार स्वागत िकिया गया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूलों के गुलदस्ते भेंट किए व फूलों की माला पहनाकर सम्मानित किया। कार्यकर्ताओं से सम्मान पाकर सतपाल महाराज गदगद नजर आए। बृहस्पतिवार को कैबिनेट मंत्री ने अपना दौरा चौबट्टाखाल विधानसभा के अंतर्गत पड़ते पांग गांव से शुरू की। इसके बाद वह उकाल, चरगाड़, गड़िगांव, जबरौली होते हुए पिनानी व पलिगांव पहुंचे। जगह-जगह उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद महाराज ग्राम सिंवाल पहुंचे, जहां उनका ग्रामीणों की ओर से भव्य स्वागत किया गया। ग्राम प्रधान विनोद गुसांई ने महाराज को सम्मानि कर क्षेत्र की समस्याओं के बारे में अवगत कराया। इस दौरान…
देहरादून: तहसील थलीसैण के एक गांव में पोते व भतीजी के साथ मायके से घर लौट रही…
देहरादून: सरकारी अस्पताल प्रेमनगर में कांट्रेक्ट पर तैनात एंबुलेंस चालक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पास…
देहरादून: कोरोनाकाल में लाखों परिवार ऐसे थे जिसमें से किसी न किसी ने अपनों को खोया। संकट की इस घड़ी में जब अपनों ने ही अपनों से दूरी बना ली तो फरिश्ता बनकर डा. जितेंदर सिंह शंटी आए। इस संकट की घड़ी में जितेंदर सिंह शंटी के कारण कई मृतकों को मोक्ष प्राप्त हो सका। बता दें कि जितेंदर सिंह शंटी ने अपनी जान की परवाह किए बिना दिल्ली में 4500 से अधिक शवों का अपने हाथों से अंतिम संस्कार किया। इसके लिए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की ओर से उन्हें पदमश्री अवार्ड से सम्मानित भी किया जा चुका है। शहीद भगत सिंह सेवा दल के…
कोटद्वार: थोड़े देर ही सही लेकिन ग्रामीण धीरे-धीरे अपनी माटी से एक बार फिर से जुड़ने लगे हैं। शहरों की फीकी चकाचौंद से थक हाकर कर लोग अपने गांवों की तरफ कदम रख रहे हैं, जोकि आने वाले समय के लिए शुभ संकेत माने जा रहे हैं। पौड़ी गढ़वाल में पड़ती विधानसभा चौबट्टाखाल के अंतर्गत बंद पड़े प्राथमिक स्कूल में एक बार फिर रौनक लौटी है।यहां ग्रामीणों ने अपने स्तर पर काम करते हुए स्कूल में 50 छात्रों का दाखिला करवाया है।दरअसल प्राथमिक स्कूल सेडियाखाल को सरकार ने 2017-18 में बंद कर दिया था। स्कूल बंद करने का कारण छात्र न होने थे। अब एक बार फिर ग्रामीणों ने अपने स्तर पर स्कूल में 50 बच्चों का दाखिला करवाया है। इसका एक कारण रिवर्स पलायन भी माना जा रहा है। ढोल दमाऊं की थाप पर…
देहरादून: प्रदेश में युवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए युवक मंगल दल और महिला…
