August 7, 2026

GarhNews

Leading News Portal of Garhwal Uttarakhand

नंदा की चौकी पुल प्रकरण में बड़ी कार्रवाई, PWD के अधिशासी अभियंता निलंबित

देहरादून। देहरादून-पांवटा साहिब पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर नंदा की चौकी स्थित टोंस नदी पर नव निर्मित पुल के एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने के मामले में उत्तराखंड शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में गंभीर तकनीकी लापरवाही सामने आने के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रांतीय खंड, देहरादून के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में शासन ने शुक्रवार को कार्यालय आदेश जारी कर दिया।

शासन के आदेश के अनुसार प्रारंभिक जांच में पाया गया कि पुल निर्माण के दौरान डिजाइन कंसल्टेंट द्वारा रिवर डायवर्जन वर्क का डिजाइन तैयार नहीं किया गया। साथ ही नदी की धारा, रिवर बेड के क्रॉस स्लोप और नदी के प्राकृतिक बहाव (मींडरिंग नेचर) को ध्यान में रखते हुए आवश्यक रिवर ट्रेनिंग उपाय भी नहीं किए गए। इसके कारण नदी का पूरा प्रवाह एक ओर केंद्रित हो गया, जिससे पुल के एबटमेंट के अपस्ट्रीम हिस्से में भारी कटाव (हेवी स्कॉरिंग) हुआ और एप्रोच रोड के नीचे कैविटी बनने से वह क्षतिग्रस्त हो गई।
आदेश में कहा गया है कि अधिशासी अभियंता राजेश कुमार द्वारा तकनीकी निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण, अनुबंध की शर्तों के अनुपालन और अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया गया। प्रथम दृष्टया यह सरकारी कार्यों के प्रति घोर लापरवाही, पर्यवेक्षण में शिथिलता तथा गंभीर प्रशासनिक त्रुटि का मामला है, जिससे शासन की छवि धूमिल हुई और सार्वजनिक हित भी प्रभावित हुआ।

प्रकरण को गंभीर मानते हुए उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 के नियम 4(1) के तहत राजेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही उन्हें यह प्रमाणित करना होगा कि निलंबन अवधि में उन्होंने किसी अन्य सेवा, व्यवसाय, व्यापार या रोजगार में भाग नहीं लिया है। शासन ने यह भी निर्देश दिया है कि निलंबन अवधि में राजेश कुमार प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग, देहरादून के कार्यालय से संबद्ध रहेंगे तथा सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

गौरतलब है कि हाल ही में नंदा की चौकी स्थित नव निर्मित पुल का एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने के बाद निर्माण गुणवत्ता और तकनीकी मानकों पर गंभीर सवाल उठे थे। शासन द्वारा प्रारंभिक जांच के आधार पर की गई यह कार्रवाई इस मामले में जवाबदेही तय करने की दिशा में पहला बड़ा कदम मानी जा रही है। जांच अभी जारी है और आगे अन्य जिम्मेदार अधिकारियों अथवा एजेंसियों पर भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

About Author