
देहरादून: गोकसी व जनालेवा हमले के मुकदमे में फरार चल रहा सहारनपुर का गैंगस्टर पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान प्रेमनगर पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में सहारनपुर का शातिर गैंगस्टर रईस दोनों पैरों में गोली लगने से घायल हो गया। उसका साथी नवाब अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। घायल बदमाश को पुलिस ने तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया। मौके से 315 बोर का तमंचा, दो खोखा कारतूस, चापड़, कुल्हाड़ी, दो छुरी और बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद हुई है।
एसएसपी के अनुसार, 12 अगस्त की देर रात प्रेमनगर पुलिस दरू चौक के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान गोरखपुर चौक की ओर से बिना नंबर की काली मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्धों को रुकने का इशारा किया गया। दोनों बाइक सवार तेजी से चाय बागान की ओर भाग निकले। पुलिस ने पीछा किया तो पितांबरपुर-बनियावाला मार्ग पर बाइक छोड़कर दोनों पैदल भागने लगे। पुलिस टीम के पीछा करने पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी, जिससे सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। जवाबी कार्रवाई में रईस के दोनों पैरों में गोली लगी।
घायल रईस पुत्र नसीम निवासी खाताखेड़ी, सहारनपुर, हाल निवासी छुटमलपुर, उम्र 26 वर्ष है। पुलिस के मुताबिक वह पिछले करीब दो वर्षों से प्रेमनगर क्षेत्र में हुई गौकशी की घटना में वांछित था। उस मामले में उसके चार साथियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। रईस के खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में गौकशी, चोरी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत करीब डेढ़ दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
गौकशी की फिराक में आया था दून
पूछताछ में आरोपित ने पुलिस को बताया कि वह अपने साथी नवाब के साथ टी-स्टेट और आसपास घूमने वाले आवारा गोवंश की रैकी कर गौकशी की तैयारी से देहरादून आया था। पुलिस से बचने के लिए बाइक की नंबर प्लेट भी हटा दी थी। पुलिस ने रईस के खिलाफ पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने के आरोप में प्रेमनगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया है। फरार आरोपी नवाब की तलाश में पुलिस टीमों को लगाया गया है।




