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प्रेमिका के खर्चे पूरे करने मुन्नाभाई बना एमबीबीएस का छात्र, देहरादून से हुआ गिरफ्तार

देहरादून: शहर कोतवाली पुलिस ने राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) की परीक्षा में मुन्नाभाई को गिरफ्तार किया है। आरोपित किसी अन्य परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा देने के लिए पहुंचा था। प्रेमिका के खर्चे पूरे करने के लिए उसने यह कदम उठाया था। रविवार को श्री गुरुराम राय पब्लिक स्कूल राजारोड देहरादून नीट की परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें परीक्षा के दौरान परीक्षा नियंत्रक की ओर से परीक्षार्थियों की बायोमैट्रिक उपस्थिती ली गई। इस दौरान एक परीक्षार्थी के बायोमैट्रिक से मिलान न होने पर जांच की गई तो पता चला कि वह किसी अन्य परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह ने बताया कि परीक्षा नियंत्रक अरुण सक्सेना ने शहर कोतवाली में इसकी शिकायत दी। मामले में आरोपित देव प्रकाश निवासी ग्राम गिरधर घोरा, पोस्ट चितलनाना, जिला संचोर, राजस्थान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पूछताछ की गई। आरोपित ने बताया कि वह वर्तमान में राजकीय मेडीकल कालेज पाली में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का छात्र है तथा वर्ष 2022 में उसने नीट की परीक्षा पास की गई थी। सितंबर 2022 में वह घूमने के लिए ऋषिकेश, हरिद्वार तथा केदारनाथ आया था, इसी दौरान उसकी मुलाकात रूद्रपुर निवासी मयंक गौतम से हुई। बातचीत के दौरान मयंक ने बताया कि वह नीट की परीक्षा पास करना चाहता था, पर पढाई में कमजोर होने के कारण वह उसमें असफल रहा।

इसके बाद आरोपित इंटरनेट मीडिया के माध्यम से लगातार मयंक गौतम के संपर्क में रहा। मयंक गौतम ने आरोपित को उसके स्थान पर नीट की परीक्षा देने उसके एवज में दो लाख रुपये देने का प्रलोभन दिया। पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि उसकी एक युवती से दोस्ती थी। पढ़ाई के खर्चों के साथ-साथ उसके खर्चे वहन करने में उसे काफी परेशानी हो रही थी, इसलिए आरोपित ने प्रलोभन में आकर आफर को स्वीकार कर लिया। योजना के अनुसार आरोपित ने अपनी पासपोर्ट साइज फोटो मयंक गौतम को भेजा, जिसे मयंक गौतम ने अपने परीक्षा फार्म में लगाया और मयंक ने आरोपित को नीट की परीक्षा का परीक्षा केंद्र गुरुराम राय पब्लिक स्कूल राजा रोड में होने की जानकारी दी। रविवार को आरोपित मयंक की ओर तैयार किए गए प्रवेश पत्र को लेकर परीक्षा केंद्र में परीक्षा देने पहुंचा, लेकिन बायोमैट्रिक मशीन से आरोपित के फिंगर प्रिंट का मयंक गौतम के आधार कार्ड से मिलान न होने पर पकड़ में आ गया।

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