अपराध

कोरोनाकाल ने नकली रेमडिसिविर इंजेक्शन बेचकर गया जेल, अब शुरू किया नकली दवाओं का खेल

देहरादून: ब्रांडेड दवा कंपनियों के नाम से नकली दवा बाजार में बेचकर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले गिरोह के विरुद्ध एसटीएफ उत्तराखंड की कार्रवाई लगातार जारी है। एसटीएफ की टीम ने गिरोह के दो और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान प्रदीप कुमार व उसकी पत्नी श्रुति डावर दोनों निवासी सेक्टर 13/17 पानीपत हरियाणा हाल निवासी फ्लैट नं0 102 टावर 6वी अपटाउन स्कैला सिटी जिरकपुर पंजाब के रूप में हुई है।

एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि एसटीएफ की टीम ने 01 जून को प्रतिष्ठित दवा कम्पनियों के नकली रैपर व नकली आउटर बॉक्स, लेबल एंव क्यूआर कोड भारी मात्रा के साथ एक व्यक्ति संतोष कुमार को गिरफ्तार किया गया था। प्रकरण की गम्भीरता देखते हुए विवेचना निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट को सौंपी गई। उनकी टीम अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसमें नवीन बसल, आदित्य काला, देवी दयाल गुप्ता, पंकज शर्मा, विजय कुमार पाण्डेय, प्रदीप गौड, शिशिर सिंह, शैलेन्द्र सिंह व तेजेन्द्र कौर शामिल हैं। इनमें 05 दवाई कम्पनी के मालिक व प्लॉट हेड भी शामिल है।

गिरफ्तार प्रदीप कुमार ने वर्ष 2023 में आरोपी नवीन बंसल उर्फ अक्षय के साथ मिलकर नकली दवाईयों का काम शुरू किया। प्रदीप कुमार ने अपनी पत्नी श्रुति डावर के नाम से एक फर्म सांई फार्मा खोली। प्रदीप कुमार और नवीन बंसल ब्रांडेड दवाई कम्पनी के नकली आउटर बॉक्स देहरादून सेलाकुई में संतोष कुमार से बनवाते थे, और उसे V-Trans ट्रांसपोर्ट सेलाकुई, देहरादून के माध्यम से भिवाडी, राजस्थान मंगाते थे। दवाई पैक करने के लिए ब्रांडेड मेडिसन कम्पनी के प्रिन्टिङ एल्यूमिनियम फॉयल बद्दी हिमाचल प्रदेश के विजय कुमार पाण्डेय की फर्म SV Foil से बनवाते थे।
शातिर प्रदीप कुमार व नवीन बसंल ब्रांडेड कम्पनी के नाम से बेचने के लिए दवाईयां देहरादून व हरिद्वार में स्थित फैक्ट्री से बनवाकर V-Trans ट्रांसपोर्ट सेलाकुई, देहरादून के माध्यम भिवाडी, राजस्थान मंगाते थे। और इन दवाईयों को आरोपी नवीन बंसल उर्फ अक्षय के आशियाना ग्रीन वाले फ्लैट में बिल्सटर मशीन की मदद से पैक करते थे। इस मशीन को अलग-अलग जगह पर लगाते थे। दवाईयों को एल्यूमिनियम फॉयल में पैक कर आरोपी पंकज शर्मा नोबल फार्मेसी पंचकुला की एम्बूलेंस वाहन की मदद से अलग-अलग राज्यों में सप्लाई करते थे। पानीपत, हरियाणा में आरोपी प्रदीप कुमार का एक एपी मेडिकोज नाम से मेडिकल स्टोर है।

प्रदीप कुमार ने 02 साल देहरादून में स्थित वेलमेड हॉस्पिटल में पार्टनरशिप में केयर पॉइंट मेडिकल स्टोर चलाया था, उसमें भी आरोपी ने नकली दवाईयां सप्लाई की है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2021 में कोराना काल के दौरान पानीपत पुलिस ने प्रदीप कुमार को नकली रेमडिसिविर इंजेक्शन बेचने के केस में जेल भेजा था। प्रदीप कुमार की फर्जी फर्म सांई फार्मा के बैंक खाते में विगत 02 वर्ष में नकली दवाई की खरीद-फरोख्त का करीब 14 करोड रूपये का लेन-देन प्रकाश में आया है, और उत्तराखण्ड सहित 06 राज्यों में विभिन्न मेडिकल स्टोरों में नकली दवाईयां सप्लाई करने की जानकारी प्राप्त हुई है। इस सम्बन्ध में गहनता से अन्य जानकारी की जा रही है।

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