अपराध

मर्चेंड नेवी में तैनात उत्तराखंड का युवा तुर्की में समुद्री जहाज से लापता, परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका, मुख्यमंत्री व तुर्की एंबेसी को लिखा पत्र, वाट्सएप चेट में लिखी यह बात

देहरादून: मर्चेंड नेवी में तैनात उत्तराखंड का एक युवक तुर्की व रूस के बीच समुद्री जहाज से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। वह मुंबई की एलविश मैनेजमेंट एलएलपी कंपनी के जरिए काम करने के लिए तुर्की गया था। युवक ने 11 दिसंबर को अंतिम मैसेज कर पत्नी और भाई को किसी अनहोनी की आशंका जताई थी, जिसके बाद 18 दिसंबर को शिप के स्टाफ ने युवक के समुद्र में गिरकर खुदकुशी करने की बात कही। इसके बाद कंपनी की ओर से उनसे कोई संपर्क नहीं किया गया। युवक किस हाल में है, इसके बारे में परिजनों को कोई जानकारी नहीं है। परेशान परिजनों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित तुर्की की एंबेसी से मदद की गुहार लगाई है।

लापता अंकित सकलानी

नेहरूग्राम लोअर गढ़वाली कालोनी निवासी अंकुश सकलानी ने बताया कि उनका छोटा भाई अंकित सकलानी मर्चेंड नेवी में एलविश शिप मैनेजमेंट मुंबई के माध्यम से पोर्ट एलिजा तुर्की जहाज में एबल सीमेन के पद पर कार्यरत है। अंकित पिछले 15 साल से विभिन्न कंपनियों में कार्यरत रहते हुए समुद्री जहाजों में काम करता आया है और आठ-नौ महीनों में घर आता था। अंकित 29 नवंबर को टर्की के लिए रवाना हुआ। एक दिसंबर को एलिजा पोर्ट तुर्की से कंपनी के समुद्री जहाज में बोर्ड हुआ। 18 दिसंबर की शाम कंपनी की ओर से बताया गया कि अंकित समुद्र में गिर गया है, उसका कोई पता नहीं चल पा रहा है। कोस्ट गार्ड उसकी तलाश में जुटे हैं।

अंकित सकलानी की वह फोटो जिसमें उसके साथ मारपीट की गई है।

अंकुश सकलानी ने बताया कि 11 दिसंबर को अंकित ने वाट्सएप चैट कर बताया कि ‘भाई मुझे कुछ हो गया तो संभाल लेना। शिप के लोगों ने कर दिया, क्योंकि सीमेन एजेंट को पसंद नहीं करते। इसके बाद अंकित का एक वीडियो मिला जिसमें अंकित के हाथों पर सिगरेट से जलाने के निशान हैं जबकि सिर से खून बह रहा था। उन्हें शक है कि अंकित के साथ जहाज में दुर्व्यहार किया गया है। अंकित से लगातार संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन अंकित व जहाज में अन्य स्टाफ से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। अब बताया नहीं जा रहा है कि असली कहानी क्या है। इस मामले में अंकित की पत्नी ने एसएसपी सहित मुंबई के क्षेत्रीय डिप्टी कमिश्नर व तुर्की एंबेसी को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई है।

हर जगह लगाई गुहार, लेकिन कहीं से भी नहीं मिल रही मदद

अंकित सकलानी के भाई की ओर से मुख्यमंत्री को भेजा पत्र।

अंकुश सकलानी ने बताया कि वह तुर्की एंबेसी से लेकर उत्तराखंड सरकार तक मदद की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई मदद नहीं मिल पा रही है। उन्हें शक है कि जहाज के अन्य स्टाफ ने अंकित के साथ कुछ बुरा कर दिया है। कंपनी पर भी ताला लगा हुआ है। अंकित की तीन साल की बेटी है जोकि अपने पिता की राह देख रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button