UPCL कर्मचारियों के लिए दिवाली का तोहफा, वित्तीय वर्ष 2025-26 का तदर्थ अनुग्रह धनराशि भुगतान मंजूर

सातवें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स लेवल-8 तक के अराजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा लाभ, अधिकतम 7000 रुपये की मासिक परिलब्धियों के आधार पर होगी गणना
देहरादून। उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने अपने कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तदर्थ अनुग्रह धनराशि (एडहॉक एक्सग्रेशिया) के भुगतान को मंजूरी दे दी है। निगम के इस फैसले से पात्र अराजपत्रित कर्मचारियों के चेहरे पर मुस्कान आने की उम्मीद है। खास बात यह है कि इस लाभ के दायरे में केवल नियमित कर्मचारी ही नहीं, बल्कि निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले कैजुअल और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी भी शामिल किए गए हैं।
निगम की ओर से जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के आधार पर पुनरीक्षित वेतनमान में पे मैट्रिक्स लेवल-8 तक (4600 रुपये ग्रेड पे के समकक्ष) के अराजपत्रित कर्मचारी इस सुविधा के पात्र होंगे। हालांकि, अनुग्रह धनराशि की गणना के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों की सीमा 7000 रुपये निर्धारित की गई है। यानी संबंधित कर्मचारी की वास्तविक परिलब्धियां इससे अधिक होने पर भी गणना निर्धारित सीमा के आधार पर ही की जाएगी।
छह महीने की सेवा जरूरी
इस सुविधा का लाभ उन्हीं पात्र कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्होंने 31 मार्च 2026 तक निगम में नियमित सेवा की हो और वित्तीय वर्ष के दौरान कम से कम छह महीने की निरंतर एवं संतोषजनक सेवा पूरी की हो। जिन कर्मचारियों ने पूरे वित्तीय वर्ष में सेवा नहीं की है, उन्हें उनकी पात्र सेवा अवधि के अनुपात में धनराशि दी जाएगी। वित्तीय वर्ष के बीच में सेवानिवृत्त होने वाले अथवा दिवंगत कर्मचारियों के मामलों में भी नियमानुसार पात्रता अवधि की गणना की जाएगी। इससे ऐसे कर्मचारियों के परिजनों को भी नियमानुसार लाभ मिल सकेगा।
दैनिक वेतनभोगियों को भी राहत
यूपीसीएल के इस फैसले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि कैजुअल और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी इसमें जगह दी गई है। ऐसे कर्मचारी जिन्होंने 31 मार्च 2026 तक लगातार तीन वर्ष या उससे अधिक समय तक सेवा की हो और प्रत्येक वर्ष न्यूनतम 240 दिन काम किया हो, वे भी निर्धारित शर्तों के अधीन लाभ पाने के पात्र होंगे। हालांकि, इन कर्मचारियों के लिए मासिक परिलब्धियों की गणना की अधिकतम सीमा 1200 रुपये रखी गई है।
अनुशासनात्मक कार्रवाई वाले कर्मचारियों पर रोक
निगम ने भुगतान के साथ पात्रता को लेकर सख्त शर्तें भी रखी हैं। जिन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही या आपराधिक मामला लंबित है, उन्हें संबंधित मामले का निस्तारण होने तक भुगतान नहीं किया जाएगा। वहीं धोखाधड़ी, हिंसात्मक आचरण, चोरी अथवा निगम की धनराशि और संपत्ति के दुरुपयोग जैसे मामलों में संलिप्त कर्मचारियों को इस सुविधा से बाहर रखा गया है।
अनुग्रह धनराशि का भुगतान नकद रूप में किया जाएगा और इसका खर्च निगम के चालू वित्तीय वर्ष के आय-व्यय में दर्ज होगा।
यूपीसीएल का यह निर्णय ऐसे समय में आया है, जब बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कर्मचारी लगातार फील्ड से लेकर कार्यालयों तक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। निगम के इस कदम को कर्मचारियों के योगदान को प्रोत्साहित करने और उनके कल्याण की दिशा में अहम निर्णय माना जा रहा है।




