देहरादून: झारखंड के गैंग्सटर विक्रम शर्मा हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। एसएसपी परमेंद्र डोबाल के दिशा निर्देश पर दून पुलिस व एसटीएफ ने हत्याकांड में सहयोगी रहे दो बदमाश अक्षत ठाकुर व राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीन शूटरों समेत छह आरोपी अभी भी फरार हैं। गिरफ्तार अक्षत नोएडा में एक निजी कालेज में बीबीए का छात्र है, जबकि राजकुमार फरार बदमाश यशराज का पिता है और वारदात में खुद भी शामिल था।
एसएसपी परमेंद्र डोबाल ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि इस सनसनीखेज हत्या की साजिश करीब छह महीने पहले जमशेदपुर जेल के भीतर ही रची गई थी। योजना के तहत शूटर देहरादून पहुंचे थे। यहां उन्हें ठहरने, लोकेशन तय करने, वाहन उपलब्ध कराने और भुगतान कराने तक पूरी मदद स्थानीय नेटवर्क ने की और वारदात के तुरंत बाद सभी फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपित अक्षत ठाकुर निवासी जुगसलाई जमशेदपुर और राजकुमार निवासी बागबेड़ा जमशेदपुर (झारखंड) ने शूटरों को लाजिस्टिक मदद दी थी। वहीं, फरार चल रहे आरोपियों में अंकित वर्मा, आशुतोष सिंह, विशाल सिंह, आकाश कुमार प्रसाद, यशराज और जितेंद्र कुमार साहु शामिल हैं। सभी बदमाश झारखंड के ही रहने वाले हैं।
एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल और एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि विक्रम शर्मा झारखंड का कुख्यात अपराधी था और हत्या, हत्या के प्रयास तथा रंगदारी जैसे कई मामलों में वांछित रहा था। आठ वर्ष पहले जमशेदपुर पुलिस ने उसे देहरादून से गिरफ्तार किया था। जमानत पर बाहर चल रहे विक्रम को इसी 13 फरवरी को उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब वह राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी माल में जिम से बाहर निकला। वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर तुरंत फरार हो गए, जिससे शुरू से ही गैंगवार का एंगल मजबूत हुआ और पुलिस की जांच भी इसी दिशा में आगे बढ़ी।
बदमाशों तक ऐसे पहुंची पुलिस ल
पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रानिक सर्विलांस की मदद से शूटरों की गतिविधियों का पीछा किया तो सहस्त्रधारा क्षेत्र में वारदात में उपयोग की गई बाइक लावारिश मिली। वहीं से शूटर दूसरी बाइक और स्कूटी लेकर हरिद्वार की ओर भागे। जांच में सामने आया कि बरामद बाइक जितेंद्र कुमार साहु निवासी पूर्वी सिंहभूमि झारखंड के नाम पर जबकि हरिद्वार में किराए पर लीं बाइक व स्कूटी आकाश कुमार प्रसाद निवासी बागबेड़ा जमशेदपुर की आइडी पर ली गई थीं। उनके भुगतान को राजकुमार निवासी गाराबास बागबेड़ा की यूपीआइ का इस्तेमाल हुआ था। तीनों शूटर एक काली स्कार्पियो में बैठकर फरार हुए, जो राजकुमार के बेटे यशराज के नाम पर रजिस्टर्ड पाई गई। इन सभी तकनीकी और फील्ड इनपुट्स के आधार पर पुलिस टीम जमशेदपुर व नोएडा तक पहुंची, जहां से राजकुमार तथा अक्षत ठाकुर उर्फ मोहित को गिरफ्तार किया गया। वहीं, छह फरार शूटरों और सहयोगियों की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

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