देहरादून: प्रवर्तन निदेशालय की देहरादून शाखा ने एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में चार आरोपियों की करीब 13.89 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर दी हैं। यह कार्रवाई मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत की गई। पंतनगर थाने में दर्ज एफआइआर के आधार पर की गई जांच में सामने आया कि आरोपियों ने उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि सुधार अधिनियम के तहत आदेश पारित कराए और बाद में उन्हें राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराया। यह मामला कृषि भूमि की दर बढ़ाने के लिए उन्हें आकर्षि करने से जुड़ा था।
यह सब कथित तौर पर राजस्व अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से किया गया। इसके आधार पर आरोपितों ने एनएच-74 के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित भूमि पर गैर-कृषि दर से लगभग 26.02 रुपये का अतिरिक्त मुआवजा हासिल किया। इससे सरकार को भारी वित्तीय नुकसान और आरोपियों को अनुचित लाभ हुआ।
इस मामले में दिलबाग सिंह, जरनैल सिंह, बलजीत कौर, (पत्नी प्रताप सिंह) दलविंदर सिंह, (पुत्र प्रताप सिंह) के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जांच में पाया गया कि यह अवैध कमाई आरोपियों ने अचल संपत्तियां खरीदने में लगाई गई। साथ ही अन्य बैंक खातों व रिश्तेदारों के खातों में भी ट्रांसफर की गई। इन्हीं तथ्यों के आधार पर ईडी ने 13.89 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अटैच करते हुए प्रोविजनल अटैचमेंट आर्डर जारी किया है।

More Stories
106 दारोगाओं के ट्रांसफर, कुछ मैदान कुछ चढ़ेंगे पहाड़
पीएम दौरे से पहले दून से पकड़ा गया पाक एजेंट, आतंकियों को भेज रहा था लोकेशन व फ़ोटो
रिश्वतखोरी पर वार: विजिलेंस ट्रैप में फंसा उद्यान निरीक्षक