अपराध

बेटों ने किया विधवा मां का जीवन नरक, DM ने 2 घंटे में की जिलाबदर की कार्रवाई

देहरादून: नशे की लत पूरी करने के लिए दो बिगड़ैल बेटों ने मां का जीना दुश्वार कर दिया। वह बार-बार पैसों की मांग कर रहे थे, पैसे ने देने पर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। बेटों से परेशान मां ने डीएम के सामने गुहार लगाई तो डीएम सविन बंसल ने विशेष शक्तियों का प्रयोग कर दो घंटे के अंदर ही दोनों बेटों के खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई शुरू कर दी है।

जिलाधिकारी कार्यालय में महिला विजय लक्ष्मी पंवार निवासी भागीरथपुरम, बंजारावाला ने जिलाधिकारी सविन बंसल से गुहार लगाई कि एक विधवा गरीब महिला है। उसके दोनो पुत्र नशे के आदी हैं और उन्हें मारते-पीटते हैं। हर समय पैसो की मांग करते है। कई बार उन्हें पुलिस एवं पार्षद ने भी समझाया, लेकिन वह सुधरने के बजाये और भी बिगड गये है। उनके पुत्र क्या करते हैं उन्हें नहीं पता है। लेकिन जब वह कभी 2 व 3 दिन में या कभी आधी रात में घर आते है और हर समय अफीम, गांजा, शराब व आदि के नशे में रहते है तो फिर अपनी माँ की पिटाई कभी डंडो से तो कभी हाथ-पैर से करते है व सिर्फ पैसा मांगते रहते है। अब तो उन्होंने जान से मारने की धमकी दे दी है, जिससे में वह अत्यधिक डरी हुई है। डर है कि उनके पुत्र उन्हें झोपडे में ही जान से मार सकते है।

मामला सामने आते ही डीएम ने पहली बार थाना रिपोर्ट, कचहरी वकील को दरकिनार कर गुंडा रूल्स 1970 नियामक की अनन्य शक्ति को क्रियान्वित करते हुए दोनों बेटों को नोटिस तामील कर दिए गए। दोनों के खिलाफ गुंडा एक्ट में वाद दर्ज कर दिया है जिस पर फास्ट ट्रैक सुनवाई दो दिन बाद है। जिला प्रशासन आम जन का विश्वास भरण पोषण से लेकर प्रताड़ित व शोषण के मामलों पर फास्ट्रेक सुनवाई, निर्णय साक्षात हो रहे हैं।
जिलाधिकारी ने प्रकरण पर उसी दिन गोपनीय जांच करवाई तो स्थानीय लोगों, पड़ोसियों, जनप्रतिनिधियों ने भी पुष्टि की है कि से प्रार्थिनी के दोनों पुत्र आये दिन अपनी माता के साथ मार-पीट करते रहते हैं तथा नशे के आदि होने के कारण पैसे की मांग तथा जान से मारने की धमकी देते हैं। गोपनीय इंक्वायरी ऑफिसर ने स्पष्ट किया कि “आवश्यक प्रतीत होता है कि दोनों पुत्रों को प्रार्थिनी से दूर रखा जाये” ।

जिलाधिकारी ने 2 घंटे के भीतर दोनो पुत्रों के विरूद्ध गुण्डा अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही प्रारम्भ कर दी है। नोटिस के द्वारा दोनों पुत्रों को इत्तला दी गई है कि वे 26.08.2025 को पूर्वान्ह 10:30 बजे न्यायालय में स्वय अथवा अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करें। यदि वह निर्दिष्ट समय भीतर कोई स्पष्टीकरण, उत्तर या सूचना नहीं देते तो तद्नुसार फास्ट ट्रैक प्रकरण निर्मित कर दिया जाएगा।

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