अपराध

गजब हाल : हत्या के मुख्य सबूत मोबाइल व गोली थाने के मालखाने से गायब, कोर्ट से सबूत पेश करने के आदेश जारी होने के बाद लिखा मुकदमा

देहरादून: पुलिस की कहानी भी अजीब है। जिस मालखाने में परिंदा भी पर नहीं मार सकता वहां से हत्या से जुड़े मुख्य सबूत मोबाइल व गोली ही गायब हो गए। इससे और भी गंभीर बात यह है कि 2016 से पहले सामान गायब हो गया था। कोर्ट ने सबूत पेश करने का अंतिम अवसर दिया अब जाकर मुकदमा दर्ज कराया है। मामला नेहरू कालोनी थाने से जुड़ा है। मोथरोवाला निवासी प्रापर्टी डीलर विनय क्षेत्री की 28 जनवरी 2008 को गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक की पत्नी रुचि क्षेत्री की तहरीर पर यतेंद्र चौधरी, हरीश कुमार, रामबीर, सुमित कुमार, बिट्टू उर्फ अनुज और रोहतास के खिलाफ हत्या व षड्यंत्र रचने का मुकदमा दर्ज करवाया था।

पुलिस ने जब आरोपियों को गिरफ्तार किया तब पता चला कि हत्या की साजिश मृतक विनय क्षेत्री की पत्नी व मामले की शिकायतकर्ता रुचि क्षेत्री ने रखी थी। मामला अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम में विचाराधीन है। अदालत ने घटना में इस्तेमाल मोबाइल व गोली 20 जनवरी को न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए अंतिम अवसर दिया। पुलिस ने जब संबंधित के साक्ष्यों की मालखाने में जांच की तो पता चला कि मोबाइल के गोली गायब थे। इस मामले में थानाध्यक्ष मोहन सिंह की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

सात साल से साक्ष्य गायब और अब हुआ मुकदमा
हत्या जैसे संगीन अपराध से संबंधित साक्ष्य गायब होने से थाने के साथ-साथ पुलिस के उच्चाधिकारियों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। वर्ष 2016 के दौरान शासकीय अधिवक्ता की ओर से अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन सामान गायब मिला। अब जब अदालत ने साक्ष्य प्रस्तुत करने का आखिरी मौका दिया तब पुलिस की नींद टूटी और मुकदमा दर्ज करवाया। जबकि समय-समय पर सीओ और एसपी की ओर से थानों का निरीक्षण किया जाता है, तब यह लापरवाही क्यों नहीं उजागर की गई।

आरोपितों को मिल सकता है फायदा
हत्या से जुड़े इस मामले में मुख्य साक्ष्य गायब होने से आरोपितों को इसका फायदा मिल सकता है। क्योंकि हत्या जैसे संगीन अपराध में मोबाइल व जिस गोली से हत्या हुई वह गोली अहम साक्ष्य हैं। ऐसे में मुख्य साक्ष्य गायब होने के कारण कहीं न कहीं आरोपितों को फायदा मिल सकता है।

पत्नी ने करवाई थी पति विनय क्षेत्री की हत्या
21 जनवरी 2008 को मोथरोवाला में विनय क्षेत्री की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की रिपोर्ट विनय क्षेत्री की पत्नी रुचि क्षेत्री ने लिखाई थी। इस मामले में शुरूआती पड़ताल के बाद यतेंद्र चौधरी, हरीश कुमार, सुमित कुमार, रामवीर सिंह, बिट्टू, रोहताश को आरोपी बनाया गया था। इस मामले में सुमित कुमार निवासी जड़ोदा, मुजफ्फरनगर, हरीश कुमार, रामवीर आदि को गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरफ्तारी के बाद पता चला कि विनय क्षेत्री की हत्या उसकी पत्नी रुचि क्षेत्री ने ही कराई थी।

जेल में रची गई थी हत्या की साजिश
विनय क्षेत्री की पत्नी रुचि क्षेत्री पर अपने ससुर समेत परिवार के तीन लोगों की हत्या का आरोप भी था। रुचि क्षेत्री इस हत्याकांड के आरोप में वर्ष 2006 में जेल गई थी। वहां पर उसकी मुलाकात कुख्यात यतेंद्र चौधरी से हुई। वहीं पर उसने अपने पति विनय क्षेत्री की हत्या की साजिश की थी। विनय क्षेत्री हत्याकांड में यतेेंद्र चौधरी को भी पुलिस पांच साल बाद वर्ष 2013 में गिरफ्तार कर पाई थी। वर्तमान में यह मामला अदालत में विचाराधीन है।

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