अपराध

मुख्यमंत्री के पूर्व निजी सचिव सहित चार के विरुद्ध गैंगस्टर, दिल्ली का एक और पीड़ित आया सामने, ठगे थे 70 लाख रुपये

देहरादून: सरकारी टेंडर दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले मुख्यमंत्री के पूर्व निजी सचिव व उसके सहयोगी सहित चार पर पुलिस ने गैंगस्टर के तहत भी मुकदमा दर्ज कर लिया है। दून पुलिस ने गुरुवार को आरोपी पूर्व निजी सचिव प्रकाश चंद्र उपाध्याय और राजस्थान की भीलवाड़ा पुलिस ने सौरभ वत्स को गिरफ्तार किया था। गैंगस्टर में नामजद सौरभ वत्स की पत्नी नन्दिनी वत्स और चालक शाहरुख खान अभी भी फरार चल रहे हैं।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपी सौरभ वत्स ने पीसी उपाध्याय के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह के रूप में कार्य करते हुए फर्जी सरकारी दस्तावेजों के आधार पर लोगों को ई-टेंडरिंग के माध्यम से सरकारी टेंडर दिलाने के एवज में उनके साथ करोडों रूपये की ठगी की गई थी। आरोपितों के विरुद्ध जनपद देहरादून सहित यूपी व राजस्थान में धोखाधड़ी के कई मुकदमे दर्ज हैं।

उन्होंने बताया कि हरिद्वार निवासी शिकायतकर्ता रामकेवल की शिकायत पर शहर कोतवाली में दर्ज मुकदमे में आरोपी सौरभ वत्स, पीसी उपाध्याय सहित चार आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों की अवैध रूप से अर्जित की गई संपति के चिह्निकरण की कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही सभी की अवैध संपति के जब्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

इनके खिलाफ की गई गैंगस्टर की कार्रवाई

  • पीसी उपाध्याय निवासी लेन नंबर चार कलिंगा विहार, माजरीमाफी, मोहकमपुर नेहरू कालोनी, देहरादून
  • सौरभ वत्स उर्फ सौरभ शर्मा निवासी मेन अम्बाला रोड नकुड़, निकट राधाकृष्ण मंदिर के पास सहारनपुर, यूपी वर्तमान निवासी अठूरवाला जौलीग्रांट, डोईवाला, देहरादून
  • नन्दिनी वत्स पत्नी सौरभ वत्स निवासी निवासी अठूरवाला जौलीग्रांट, थाना डोईवाला देहरादून
  • शाहरुख खान निवासी ग्राम बाजावाला, मारखम ग्रांट डोईवाला, देहरादून

गिरोह ने दवा विक्रेताओं को बनाया था निशाना
मुख्यमंत्री के पूर्व निजी सचिव पीसी उपाध्याय व सौरभ वत्स ने पंजाब व हरिद्वार के दवा कारोबारियों को उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में दवा आपूर्ति का ई-टेंडर दिलाने के नाम पर करोड़ाें रुपये की धोखाधड़ी की। आरोपियों ने अपने सहयोगियों की मदद से बड़े फर्म मालिकों की तलाश की। इसके बाद उनके साथ जुड़े बड़े व्यवसायियों को सरकारी सुविधाएं देने का झांसा देकर उनसे भी धनराशि ऐंठ ली। व्यवसायियों को अपने झांसे में लेने के लिए वह उन्हें सचिवालय तक ले गए और टेंडर दिलाने के नाम पर सरकारी दस्तावेजों का भी गलत इस्तेमाल किया। यहीं नहीं ठगी के शिकार व्यापारियों को बीजापुर गेस्ट में ठहराया और सरकारी वाहनों से घुमाया।

ठगी का शिकार एक और पीड़ित आया सामने
दवा टेंडर दिलाने के नाम पर 70 लाख रुपये की ठगी का शिकार एक और पीड़ित सामने आया है। उन्होंने शहर कोतवाली में इस संबंध में तहरीर दी है। जोड़बाग नई दिल्ली निवासी मनिक खुल्लर ने बताया वह मेडिकल किट डिस्ट्रीब्यूशन का व्यापार करते हैं। आरोपी सौरभ वत्स व पीसी उपाध्याय से उनकी मुलाकात दिल्ली पुलिस में तैनात आशु मोरे के माध्यम से हुई थी। उन्होंने ही बताया कि उनका परिचित पीसी उपाध्याय जोकि मुख्यमंत्री निजी सचिव है और वह उत्तराखंड में दवाइयों का टैंडर आसानी से दिला सकता है। शिकायतकर्ता ने बताया कि जब वह पीसी उपाध्याय से सचिवालय में मिले तो उन्हें उस यकीन हो गया। टेंडर दिलाने के नाम पर उन्होंने 70 लाख रुपये पुलिस कर्मचारी आशु मोरे, सौरभ वत्स, शाहरुख खान, नन्दिनी वत्स, करनवीर पुलिसकर्मी की पत्नी अंजलेना के खाते में आनलाइन व कैश के रूप में दिए थे।

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