देहरादून। ग्राफिक एरा (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) ने छात्रों की सुरक्षा और सड़क अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विश्वविद्यालय ने 24 अगस्त को सभी विभागाध्यक्षों और छात्रों के लिए सर्कुलर जारी कर यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और छात्र आचरण का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले छात्रों के खिलाफ संस्थागत अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ पुलिस अथवा सक्षम प्राधिकरण की ओर से कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
सर्कुलर में बिना वैध नंबर प्लेट के वाहन चलाने या पार्क करने पर रोक लगाई गई है। छात्रों को वाहन के पंजीकरण और नंबर प्लेट से संबंधित कानूनी प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही वाहनों के शीशों पर ब्लैक फिल्म, टिंटेड ग्लास, सन फिल्म अथवा किसी अन्य अनधिकृत कवरिंग के इस्तेमाल को भी प्रतिबंधित किया गया है।
विश्वविद्यालय ने मोटरसाइकिल समेत अन्य दोपहिया वाहनों में मॉडिफाइड, बदले हुए या अत्यधिक शोर करने वाले साइलेंसर लगाने पर भी रोक लगा दी है। ऐसे किसी भी बदलाव को प्रतिबंधित किया गया है, जिससे ध्वनि प्रदूषण या सार्वजनिक स्थानों पर परेशानी पैदा हो। छात्रों को रैश ड्राइविंग, तेज गति, रेसिंग, ट्रैफिक के बीच खतरनाक तरीके से वाहन चलाने, अचानक लापरवाही से दिशा बदलने, स्टंट अथवा अन्य जोखिमपूर्ण गतिविधियों से दूर रहने को कहा गया है।
सड़क सुरक्षा के तहत दोपहिया वाहन चालक और पीछे बैठने वाले व्यक्ति दोनों के लिए हेलमेट अनिवार्य बताया गया है। कार में सफर के दौरान सीट बेल्ट पहनने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रों को निर्धारित गति सीमा, ट्रैफिक सिग्नल, लेन अनुशासन और यातायात विभाग की ओर से जारी अन्य निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। वाहन चलाते समय ऐसा कोई व्यवहार नहीं करने की हिदायत दी गई है, जिससे आम लोगों, स्थानीय निवासियों या विश्वविद्यालय समुदाय को शोर, परेशानी अथवा असुविधा हो।
रात 10 बजे तक पीजी लौटने की सलाह
सर्कुलर का एक अहम हिस्सा छात्रों के देर रात बाहर घूमने को लेकर है। विश्वविद्यालय ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने संबंधित पीजी अथवा निजी आवास पर रात 10 बजे तक लौट आएं। देर रात अनावश्यक रूप से बाहर घूमने और समूहों में घूमने से बचने को कहा गया है। विशेष रूप से देर रात बिना आवश्यकता समूह में घूमने पर रोक लगाने की बात कही गई है। हालांकि, किसी वास्तविक अथवा अपरिहार्य कारण से रात 10 बजे के बाद बाहर निकलने पर जिम्मेदारी और शांतिपूर्ण तरीके से आवागमन करने के निर्देश दिए गए हैं। विश्वविद्यालय ने छात्रों को ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी समेत सभी जरूरी वाहन दस्तावेज साथ रखने और वाहन का वैध बीमा व पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही उत्तराखंड पुलिस, यातायात अधिकारियों और अन्य सक्षम प्राधिकारियों की ओर से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य किया गया है।
उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
विश्वविद्यालय ने चेतावनी दी है कि ट्रैफिक नियम तोड़ने, खतरनाक तरीके से वाहन चलाने, अनधिकृत या मॉडिफाइड वाहन इस्तेमाल करने, ध्वनि प्रदूषण फैलाने अथवा सार्वजनिक उपद्रव करने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा पुलिस या अन्य सक्षम एजेंसियों की ओर से चालान, जुर्माना, अभियोजन अथवा अन्य कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों की अनदेखी को किसी भी स्थिति में बहाना नहीं माना जाएगा। विभागाध्यक्षों को सर्कुलर की जानकारी सभी छात्रों तक पहुंचाने और इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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