पौड़ी : अंकिता भंडारी हत्याकांड में शासकीय अधिवक्ता को हटाने की मांग तेज हो गई है। अंकिता की मां सोनी देवी ने सरकारी वकील को न हटाने पर वीडियो जारी कर आत्मदाह तक की चेतावनी दी थी। इसके बाद 6 जुलाई को अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने फिर से डीएम पौड़ी डा. आशीष चौहान से शासकीय अधिवक्ता को हटाने की मांग की थी और कांग्रेस ने उक्त प्रकरण में सरकार को घेरा था। अब जिलाधिकारी चौहान ने बताया कि अंकिता हत्याकांड केस से शासकीय अधिवक्ता को हटाने की मांग को लेकर एडीएम की रिपोर्ट मिल गई है। रिपोर्ट शासन को भेज दी है। मामले में अंतिम निर्णय शासन स्तर पर ही होना है।
बता दें कि अंकिता के माता-पिता की मांग के समर्थन में कांग्रेस नेता मनीष खंडूड़ी के नेतृत्व में जिला मुख्यालय में कांग्रेसियों ने धरना दिया था। देहरादून में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की अगुवाई में कांग्रेसी अंकिता के परिजनों के समर्थन में उतरे। इससे पहले कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी अंकिता के गांव पहुंचकर उसके माता- पिता से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया था। अंकिता हत्याकांड को करीब 10 माह का समय हो गया है। मामले की सुनवाई एडीजे कोर्ट में चल रही है। इसी दौरान एक जून को अंकिता के माता-पिता ने केस से शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र रावत को हटाने की मांग की थी।

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