April 14, 2026

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नगर निगम के रिकॉर्ड रूम में हुई चोरी का पर्दाफाश, करोड़ो रूपये की जमीन के बनाने जा रहे थे फर्जी दस्तावेज

देहरादून: नगर निगम के रिकार्ड रूम से जमीन का रिकार्ड चोरी करने के मामले में दून पुलिस ने पर्दाफाश के दिया है। लंबी कसरत के बाद रिकार्ड चोर एलएलबी के छात्र को शहर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। राजपुर स्थित करोड़ों की संपत्ति का म्यूटेशन न होने के चलते आरोपी पिछले तीन महीने से नगर निगम के चक्कर लगा रहा था और रेकी कर रहा था। तीन महीने में उसने स्टाफ के साथ-साथ रिकार्ड रूम की पूरी जानकारी जुटाई और इसके बाद रजिस्टर में नाम दर्ज करने की योजना बनाई थी। आरोपित के भाई व उसका साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि चार मई को कुछ लोगों ने नगर निगम के रिकार्ड रूम का ताला तोड़कर रिकार्ड चोरी कर लिया था। इस संबंध में छह मई को रिकार्ड प्रभारी कर अनुभाग नगर निगम राकेश पांडेय ने चोरी संबंधी तहरीर दी थी। इस मामले में शहर कोतवाल चंद्रभान अधिकारी को गंभीरता से मामले की जांच कर आरोपियो को जल्द गिरफ्तारी के निर्देश जारी किए गए। मामला नगर निगम के रिकार्ड रूम से जुड़ा था ऐसे में मामला और भी संवेदनशील था। पुलिस ने जब रिकार्ड रूम के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो उसमें तीन आरोपित नजर आए।

जांच के बाद एसएसआई मनमोहन सिंह नेगी व उनकी टीम ने रविवार को आरोपी रविन्द्र राणा निवासी ग्राम सावलपुर नवादा थाना सदर जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह सहारनपुर में एक कालेज से एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है साथ ही वकालत की प्रेक्टिस भी कर रहा है। इसके साथ ही वह प्रापर्टी डीलिंग का काम भी करता है। परिचित प्रापर्टी डीलर प्रवीण रावत ने उन्हें राजपुर रोड पर किसी राजकिशोर का प्लाट बिकवाने संबंधी बात की थी। ऐसे में वह दिल्ली से एक पार्टी लेकर आया था, लेकिन कागजात चेक करने पर पता चला कि दाखिला खारिज राजकिशोर जैन के नाम नहीं हुआ था। ऐसे में राजकिशोर जैन ने उनके नाम पर दाखिल खारिज करवाने का ठेका दिया। ऐसा करने पर दो प्रतिशत कमीशन व प्रति गज पांच हजार रुपये के हिसाब से पैमेंट देने की बात हुई थी।

इसके बाद वह लगातार तीन माह से जमीन का दाखिल खारिज के लिए नगर निगम के चक्कर काट रहा था, लेकिन निगम कार्यालय के कर्मचारियों ने दाखिल खारिज करने से साफ मना कर दिया। इसके बाद उसने अपने भाई योगेश व योगेश के दोस्त के साथ रजिस्टर नंबर 27/27 राजपुर रोड को चोरी कर व उसमें स्वयं ही राजकिशोर का नाम चढ़ाकर दाखिल खारिज करने की योजना बनाई। योजना के तहत चार मई को वह अपने भाई योगेश व दोस्त कुलदीप के साथ रात 10 बजे अपने गांव से निकलकर 12 बजे करीब दून चौक पहुंचा। तेज बारिश तूफान होने लगा तो बारिश रुकने का इंतजार करने लगा।

देर रात करीब तीन बजे वह निगम के पिछले तरफ से बगल में रखी सीढ़ी को लगाकर निगम में घुसा। उसने बड़े पेंचकस से रिकार्ड रूम का ताला तोड़ा और रिकार्ड रूम के अंदर दाखिल हो गया। काफी ढूंढने पर 27/27 रजिस्टर नहीं मिला, जिसके बाद वह बाहर आ गया। इसके बाद उसका भाई योगेश रजिस्टर को ढूंढने के लिए रिकार्ड रूम में घुसा और एक रजिस्टर उठाकर लाया जोकि दूसरा रजिस्टर था। वह रजिस्टर को वापस रखना चाह रहे थे कि वहां पर एक महिला टहलने के लिए आ गई। इसी वजह से वह उस रजिस्टर को अपने साथ लेकर आ गए और आशारोड़ी जंगल के पास पन्नी से बांधकर छुपा दिया। पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर रजिस्टर बरामद कर लिया है। पुलिस फरार चल रहे आरोपित योगेश व कुलदीप की तलाश कर रही है।

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