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चार धाम मंदिर परिसर में रील बनाई तो उपद्रव की धाराओं में मुकदमा, डीजीपी पहुंचे श्री केदारनाथ धाम

देहरादून: सरकार की ओर से चार धाम मंदिर परिसर के 50 मीटर के दायरे में वीडियोग्राफी व रील्स बनाने पर प्रतिबंध लगाने के बाद पुलिस विभाग ने भी सख्त आदेश जारी किए हैं। पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड अभिनव कुमार ने निर्देश जारी किए गए हैं कि यदि कोई व्यक्ति मंदिर परिसर में रील्स बनाता हुआ देखा गया तो उसके खिलाफ उपद्रव की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। एलआइयू को सोशल मीडिया की निगरानी के निर्देश जारी किए गए हैं।

रविवार को पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार श्री केदारनाथ धाम पहुंचे, उन्होंने कहा कि मंदिर परिसरों में भीड़ के एक जगह एकत्रित हो जाने से चार धाम यात्रा के श्रद्धालुओं में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है एवं पुलिस प्रशासन को भी कुप्रबंधन से जूझना पड़ रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए 16 मई को मंदिर परिसरों के 50 मीटर के दायरे में वीडियोग्राफी एवं रील्स बनाने पर प्रतिबंध लगाए जाने के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। 

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को चार धाम यात्रा के दौरान मंदिर परिसर के 50 मीटर के दायरे में वीडियोग्राफी करने एवं इंटरनेट मीडिया पर रील बनाने की अनुमति किसी भी दशा में न दी जाए। यदि कोई व्यक्ति निर्देशों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उपद्रव करने वाला माना जाएगा। इसके अलावा कोई व्यक्ति जानबूझकर व दुर्भावनापूर्ण रूप से एक वर्ग की धार्मिक मान्यताओं या धर्म का अपमान करने के लिए निर्देशों का उल्लंघन करता है तो ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध धार्मिक विश्वासों का अपमान करने का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वीडियोग्राफी या रील्स की सामग्री ऐसी प्रकृति की है जहां धर्म, जाति, भाषा, समुदाय या अन्य आधारों पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देता है, वहां ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

डीजीपी ने केदारनाथ धाम की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए ड्यूटी पर नियुक्त पुलिस बल को श्रद्धालुओं के साथ सौम्य व्यवहार करने के निर्देश दिए। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि आज चार धाम यात्रा के अन्तर्गत केदारनाथ धाम के कपाट खुले हुए आज 10वां दिन है। यात्रा व्यवस्थाओं को देखने वह स्वयं श्री केदारनाथ पहुंचे हैं। इस बार अभी तक जो भीड़ आई है प्रतिदिन तीस हजार से भी अधिक श्रद्धालु दर्शन करके जा रहे हैं। निश्चित रूप से यहां पर जो भी मंदिर व्यवस्था से जुड़ी हुई सारी एजेंसियां हैं, बद्री केदार मंदिर समिति, जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ एसडीआरएफ, आईटीबीपी, स्वास्थ्य विभाग, पर्यटन विभाग, सूचना विभाग है, सारी टीमें जिस तालमेल के साथ कार्य कर रही हैं, एक बहुत अच्छा उदाहरण है। 

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डा. विशाखा अशोक भदाणे, पुलिस उपाधीक्षक केदारनाथ यात्रा अविनाश वर्मा, चौकी प्रभारी केदारनाथ मंजुल रावत सहित पुलिस, पीएसी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के जवान मौजूद रहे।

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