July 27, 2026

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चीला दुर्घटना : रैश ड्राइविंग के कारण हुआ हादसा, छह सैकेंड में निगल गई पांच जिंदगियां, हादसे का एक और वीडियो आया सामने

ऋषिकेश : चीला दुर्घटना का एक और वीडियो सामने आया है। इंटरसेप्टर इलेक्ट्रिक वाहन में लगे सीसीटीवी कैमरे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें वाहन में बैठे लोगों के बीच की बातचीत भी सुनाई दे रही है। बातचीत के आधार पर स्पष्ट हो रहा है कि गति बढ़ाने से चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और वाहन अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वाहन में बैठे अफसर स्पीड बढ़ने पर वाहन के अनियंत्रित होने पर बस-बस कहते सुनाई दे रहे हैं, महज छह सैकेंड में वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया और पांच जिंदगियां चली गई। पहले विभाग दुर्घटना का कारण टायर का फटना मान रहा था।

आठ जनवरी को राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के चीला रेंज में इंटरसेप्टर वाहन के ट्रायल के दौरान अनियंत्रित होकर पेड़ और डिवाइडर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। वाहन में सवार 10 लोगों में एक रेंजर, डिप्टी रेंजर सहित चार व्यक्तियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। महिला वार्डन आलोकी का शव एसडीआरएफ ने बृहस्पतिवार सुबह चीला शक्ति नहर से रेस्क्यू किया है। दुर्घटना में पांच व्यक्ति घायल हुए थे।दुर्घटना की प्रारंभिक जांच में कार में तकनीकी खराबी और लापरवाही से वाहन चलाने की जानकारी सामने आई थी। वहीं, बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है।

यह वीडियो ट्रायल के लिए पहुंचे इंटरसेप्टर इलेक्ट्रिक वाहन में लगे सीसीटीवी कैमरे का बताया जा रहा है। जिसमें वाहन में बैठे लोगों की चालक के साथ हो रही बातचीत सुनाई दे रही है। जिसमें वाहन चालक सीधी रोड आने पर एक्सीलेटर देने की बात कह रहा है और वाहन की गति तेज हो रही है। जिसमें अफसर स्पीड कम करने की बात कह रहे हैं। इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराया और फिर पलटकर नहर के पैराफिट में अटक गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ। वहीं, बुधवार को वाहन में बैठे अधिकारियों का एक सेल्फी वीडियो सोशल मीडिया वायरल हुआ था।

वीडियो में क्या हुई बातचीत
वीडियो में बातचीत के दौरान सुनाई दे रहा है कि चालक वाहन में बैठे अधिकारियों को बता रहा है कि वाहन की गति सामान्य 30-35 के आसपास जाती है, उससे आगे नहीं जाती। चालक कह रहा है, जब पहाड़ चढ़ना होता है तब 45 बहुत होता है सर। चालक यह कहते भी सुनाई दे रहा है कि इसके बाद हम एक्सीलेशन मोड में हैं। यहां पीछे वाले तीन को उतरना होगा, रिस्क नहीं लेना है सर। अगर झटके में गिर-गुर गए तो (क्योंकि पीछे तीन व्यक्ति वाहन में खड़े थे)। इसके बाद चालक यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि यहां एक्सलेटर (रफ्तार बढ़ाऊ) सर। जिस पर वाहन में बैठे किसी व्यक्ति ने हामी भरी। इसी दौरान वाहन की रफ्तार तेज हो जाती है। फिर कुछ लोग बस, बस, बस कहते सुनाई देते हैं। लेकिन इसी बीच वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है।

हादसे का हो गया था आभास, चालक की सूझबूझ भी नहीं आई काम
एक्सीलेटर देने के कारण वाहन अचानक अनियंत्रित होने लगा। चालक सहित वाहन सवार अन्य लोगों को भी दुर्घटना की आशंका हो गई थी। जिसके चलते चालक ने भी सूझबूझ दिखाने का प्रयास किया। लेकिन वाहन सड़क किनारे पेड़ों से टकरा गया। हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

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