देहरादून: देहरादून के रायपुर में एक व्यक्ति ने दो फ्लैटों की बीच की दीवार तोड़कर उसमें मस्जिद बना दी। मस्जिद में सामूहिक रूप से नमाज पढ़ी जाने लगी। आसपास के लोगों ने इसका विरोध किया और इसकी शिकायत एमडीडीए से की तो एमडीडीए ने फ्लैट को सील कर दिया है। सरकार की ओर से अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई के तहत गुरुवार को एमडीडीए ने पुलिस फोर्स की मदद से रायपुर स्थित एमडीडीए की ईडब्ल्यूएस में दो फ्लैटों की बीच की दीवार तोड़कर बनाई मस्जिद को सील कर दिया है। इस दौरान एमडीडीए की टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन भारी संख्या में पहुंची पुलिस फोर्स ने किसी को भी आगे नहीं बढ़ने दिया। एमडीडीए में शांति व्यवस्था के लिए पीएसी तैनात की गई है।
देवभूमि सामाजिक सामाजिक एवं जनविकास सांस्कृतिक संस्था की ओर से इस मामले में शिकायत दी गई थी। शिकायत थी कि भवन में दो फ्लैटों की बीच की दीवार तोड़कर मदरसा व मस्जिद का संचालन हो रहा है। साथ ही सामूहिक रूप से नमाज पढ़ी जा रही थी। हिंदू जागरण मंच ने भी इसका विरोध किया था। एमडीडीए उपाध्यक्ष वंशीधर तिवारी ने बताया कि रायपुर में ईडब्ल्यूएस भवन में फ्लैट संख्या 192 व 193 को आपस में जोड़कर उसकी मूल अवसरंचना को बदल दिया गया। जोड़े गए परिसर में मस्जिद व मदरसा संचालित करने संबंधी शिकायत मिली थी। यहां सामूहिक रूप से नमाज पढ़ी जा रही थी।
जांच के बाद एमडीडीए की ओर से इस निर्माण को 31 जुलाई को सील करने के आदेश पारित किए गए थे। सीलिंग के दौरान कोई विवाद न हो इसके लिए एसएसपी को पत्र लिखकर फोर्स की मांग भी की गई थी, लेकिन संचालक ने शपथ पत्र फाइल कर दिया कि सार्वजनिक रूप से धार्मिक स्थल के रूप में प्रयोग नहीं करेंगे ।साथ ही परिसर को मूल संरचना के अनुसार एक सप्ताह में ठीक करा दिया जाएगा। एक बार फिर देवभूमि सामाजिक एवं जनविकास सांस्कृतिक संस्था की ओर से जिला प्रशासन को सामूहिक रूप से नमाज पढ़ने की शिकायत प्राप्त हुई। उक्त पर संज्ञान लेते हुए सीलिंग के आदेश पारित हुए। इसके बाद एमडीडीए व पुलिस बल की मौजूदगी में भवन को सील कर दिया गया है। साथ ही भवन स्वामी के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है।

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