दून पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ज्वैलर्स की दुकान में सेंधमारी करने वाले अंतरराज्यीय चोर गिरोह के चार लोग गिरफ्तार

विकासनगर। विकासनगर में न्यू राणा ज्वैलर्स की दुकान में हुई लाखों रुपये की चोरी का दून पुलिस ने खुलासा कर दिया है। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत कोतवाली विकासनगर पुलिस और एसओजी ग्रामीण की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय नकबजन गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से चोरी की गई करीब चार से पांच लाख रुपये कीमत की सोने-चांदी की ज्वैलरी और अन्य सामान बरामद किया है। गिरोह का एक सदस्य अभी फरार है।
पुलिस के अनुसार, नौ अगस्त को न्यू राणा ज्वैलर्स के संचालक संजीव राणा ने कोतवाली विकासनगर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि सात अगस्त की रात दुकान बंद कर घर जाने के बाद अज्ञात चोरों ने दुकान का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
घटना के खुलासे के लिए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक विकासनगर राजीव रौथाण के नेतृत्व में कई पुलिस टीमें गठित की गईं। टीमों ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। संदिग्धों की गतिविधियों की जानकारी जुटाने के साथ पूर्व में नकबजनी में शामिल आरोपितों का सत्यापन भी किया गया। इसी दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे।
पुलिस के मुताबिक, 16 अगस्त की रात मुखबिर की सूचना पर कुल्हाल हाईवे पुल के पास कच्चे रास्ते पर चेकिंग के दौरान चार संदिग्धों को पकड़ा गया। उनकी पहचान नेपाल निवासी नैना शाही उर्फ विनोद, दीपक कुमार ठाकुर उर्फ भोटिया, शंकर बहादुर शाही और निश्चल योगी उर्फ रमेश के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके पास से न्यू राणा ज्वैलर्स से चोरी की गई ज्वैलरी बरामद हुई। पूछताछ में आरोपितों ने एक अन्य साथी भीम बहादुर के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपित मूल रूप से नेपाल के रहने वाले हैं और मजदूरी करने के बहाने अलग-अलग राज्यों में जाते थे। इसके बाद सुनियोजित तरीके से दुकानों की रेकी कर नकबजनी करते थे। विकासनगर में भी उन्होंने काम की तलाश के बहाने कई स्थानों की रेकी की और न्यू राणा ज्वैलर्स को निशाना बनाया। सात अगस्त की रात दुकान का ताला तोड़कर आभूषण चोरी करने के बाद आरोपित देहरादून और हरिद्वार होते हुए बस से हिमाचल प्रदेश चले गए थे।
पुलिस के अनुसार, चोरी की ज्वैलरी लेकर आरोपी वापस देहरादून आईएसबीटी पहुंचने वाले थे, जहां से नेपाल भागने की योजना थी। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें उत्तराखंड-हिमाचल सीमा के पास गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपित निश्चल योगी उर्फ रमेश ने हिमाचल प्रदेश के पते पर फर्जी आधार कार्ड बनवाया था। इसी आधार कार्ड के जरिए सिम कार्ड हासिल कर गिरोह के सदस्य वारदात के दौरान उनका इस्तेमाल करते थे। घटना के बाद सिम को तोड़कर नष्ट कर दिया जाता था, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।
पुलिस के मुताबिक, आरोपित पूर्व में भी कर्नाटक, तमिलनाडु और अन्य राज्यों में चोरी व नकबजनी के मामलों में जेल जा चुके हैं। उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अब फरार आरोपित भीम बहादुर शाही की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक राजीव रौथाण, वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिशुपाल सिंह राणा, उपनिरीक्षक अर्जुन सिंह गुसांई, सनोज कुमार, ओमवीर चौधरी समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। एसओजी ग्रामीण की टीम में निरीक्षक खुशीराम पांडे, कांस्टेबल नवनीत सिंह, जितेंद्र सिंह, मनोज सिंह और सोनी कुमार शामिल रहे।




