देहरादून। रायपुर थाना क्षेत्र में महिला को जबरन कार में बैठाने के प्रयास के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, मामला किसी व्यक्तिगत रंजिश के बजाय डेयरी कारोबार में हुए लेन-देन के विवाद से जुड़ा है। महिला से अपने पैसे वापस लेने और उसे डराने के इरादे से आरोपितों ने उसके अपरहण की योजना बनाई थी। घटना में शामिल एक युवती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चार अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
एसपी देहात जया बलोनी के अनुसार, कानन कुंज, सहस्रधारा रोड निवासी सुषमा वर्मा पत्नी राहुल वर्मा ने 23 सितंबर को रायपुर थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि सुबह करीब 6:50 बजे नाला पानी चौक के पास कुछ युवकों ने उन्हें जबरदस्ती कार में बैठाने का प्रयास किया। महिला के विरोध और शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके की ओर आने लगे, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
एसएसपी देहरादून के निर्देश पर थाना रायपुर और एसओजी देहात की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। आने-जाने वाले रास्तों की फुटेज के आधार पर संदिग्धों और घटना में इस्तेमाल वाहन के बारे में जानकारी जुटाई गई। इसके साथ ही पीड़िता और अन्य संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई। लगातार जांच के बाद पुलिस ने शनिवार को सहस्रधारा रोड से घटना में शामिल चाहत उर्फ अन्नू को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसके साथ घटना में शामिल चार अन्य लोगों के नाम भी सामने आए। पुलिस अब दीपक, सुशांत उर्फ लक्की, आदित्य वशिष्ठ और प्रियांशु की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
डेयरी के सौदे से शुरू हुआ विवाद
पूछताछ में पुलिस को बताया गया कि चाहत और दीपक पिछले करीब दो साल से एक-दूसरे को जानते हैं। दोनों कारोबार शुरू करना चाहते थे। इसी दौरान एक परिचित के माध्यम से उनकी मुलाकात सुषमा वर्मा से हुई। पुलिस के अनुसार, अठूरवाला-भानियावाला स्थित एक डेयरी को चलाने का सौदा 7.50 लाख रुपये में तय हुआ था। डेयरी में 11 गाय थीं। आरोपियों ने सुषमा को पांच लाख रुपये नकद और ढाई लाख रुपये का चेक दिया था।
आरोपियों को बताया गया था कि गायों से प्रतिदिन करीब 150 लीटर दूध मिलता है। समझौते के अनुसार दूध उस जमीन की स्वामिनी पुष्पा नेगी को ही बेचा जाना था, जिस पर डेयरी संचालित हो रही थी। हालांकि, आरोपियों के अनुसार, डेयरी संभालने के बाद गायों से अपेक्षा के मुताबिक दूध नहीं निकला। उन्होंने सुषमा से अपने पांच लाख रुपये वापस मांगे, लेकिन उन्हें काम जारी रखने और रकम को आगे समायोजित करने का आश्वासन दिया गया।
इसी बीच चाहत की तबीयत खराब होने पर उसे ग्राफिक एरा अस्पताल में भर्ती कराया गया। पैसों की जरूरत पड़ने पर आरोपियों ने पुष्पा नेगी से दूध की बिक्री से बची रकम मांगी। पुलिस के मुताबिक, पुष्पा ने रकम सुषमा को देने की बात कही। सुषमा से संपर्क करने पर उन्हें कथित तौर पर केवल 10 हजार रुपये मिले और बाकी रकम देने से इनकार कर दिया गया।
ब्याज पर लिया था पैसा
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि डेयरी में लगाया गया पैसा आरोपियों ने अन्य लोगों से ब्याज पर लिया था। रकम वापस करने का दबाव बढ़ने के बाद उन्होंने सुषमा को डराने की योजना बनाई। इसके लिए कारगी चौक के पास से काले रंग की स्विफ्ट कार किराये पर ली गई। गारंटी के तौर पर चाहत ने अपनी स्कूटी रखी थी। घटना से पहले सभी आरोपित रोशनाबाद, हरिद्वार गए और वहां से आदित्य, लक्की व प्रियांशु के साथ देहरादून लौटे। 23 सितंबर की सुबह दीपक, आदित्य और लक्की स्विफ्ट कार से सहस्रधारा पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने सुषमा को जबरन कार में बैठाने का प्रयास किया, लेकिन महिला के शोर मचाने और आसपास लोगों के पहुंचने की आशंका से सभी मौके से फरार हो गए।

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