देहरादून: जुलूस और रैलियों के कारण पूरा शहर जाम हो जाता है। आमजन सहित स्कूली बच्चों को समस्या झेलनी पड़ती है। आमजन की परेशानी को देखते हुए पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार सख्त हो गए हैं। आमजन की समस्या को देखते हुए उन्होंने राजकीय कार्यदिवस पर जुलूस आदि की अनुमति न देने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में डीजीपी ने सभी जिलों के एसएसपी व एसपी को दिशा निर्देश जारी किए हैं।

डीजीपी ने अस्पतालों व शिक्षण संस्थानों के आसपास से भी रैली आदि गुजरने से रोकने को कहा गया है। धार्मिक जुलूस, धरना-प्रदर्शन, रैलियों के दौरान आमजन को हो रही असुविधा को ध्यान में रखते हुए पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने समस्त जनपद प्रभारियों को दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि अस्पताल व शिक्षण संस्थाओं के कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। ऐसे आयोजनों से मरीजों व छात्र-छात्राओं को आने-जाने में रुकावट पैदा नहीं होनी चाहिए। निर्देश दिए कि आयोजनों की समयसीमा निर्धारित की जाए और निर्धारित समय के पश्चात भीड़ को अविधिमान्य जन समूह घोषित किया जाए।

डीजीपी अभिनव कुमार के निर्देश के बाद तत्काल एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने विभिन्न संगठनों के साथ बैठक कर धार्मिक आयोजनों में भीड़ सीमित रखने की अपील की। व्यवस्था बनाने को संगठनों से सुझाव मांगे। बुधवार शाम को एसएसपी अजय सिंह ने पुलिस कार्यालय में विभिन्न धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें शहर में होने वाले विभिन्न धार्मिक आयोजनों के दौरान आमजन तथा स्कूली बच्चों को होने वाली समस्या के निस्तारण को लेकर चर्चा की गई।
संगठनों की ओर से विभिन्न सुझाव देते हुए पुलिस का सहयोग करने के लिए सहमति प्रकट की गई। जिसमें शोभायात्राओं के दौरान बैंड व झांकियों की संख्या को कम करने, समय में परिर्वतन कर शोभायात्राओं को सुबह या दोपहर बाद निकालने पर चर्चा हुई। श्रद्धालुओं की संख्या को सीमित रखते हुए स्वागत स्टालों व झांकियों के डीजे की आवाज को भी अधिक न रखने का सुझाव दिया गया। आयोजन अवकाश के दिन, रूट व्यस्त क्षेत्रों से दूर निर्धारित करने पर भी सहमति बनी।

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