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देहरादून-ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना: नहीं कटेंगे पेड़, सीएम ने दिए संवाद के निर्देश

देहरादून। देहरादून-ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन सड़क परियोजना को लेकर उठ रहे विरोध और पर्यावरणीय चिंताओं के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी पक्षों के साथ संतोषजनक सहमति और विश्वास का वातावरण नहीं बन जाता, तब तक परियोजना के दायरे में आने वाले पेड़ों का कटान स्थगित रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से इस परियोजना को लेकर स्थानीय नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और विभिन्न संगठनों द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं और सुझावों का उन्होंने गंभीरता से संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि विकास आवश्यक है, लेकिन जनभावनाओं, पर्यावरण और स्थानीय हितों की अनदेखी कर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना है, जिस पर माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों और सभी आवश्यक वैधानिक एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों का पालन करते हुए कार्यवाही की जा रही थी। परियोजना का उद्देश्य देहरादून और ऋषिकेश के बीच यातायात को सुगम बनाना और भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करना है।

उन्होंने कहा कि परियोजना में पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। इसके तहत लगभग 3.5 किलोमीटर लंबा हाथी अंडरपास बनाया जाना प्रस्तावित है, ताकि हाथियों का प्राकृतिक आवागमन बाधित न हो। इसके अलावा छोटे वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए विशेष कल्वर्ट भी बनाए जाएंगे। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मृत्यु की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रमुख सचिव और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परियोजना से जुड़े सभी हितधारकों, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के साथ दोबारा विस्तृत संवाद स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों की राय और सुझावों को गंभीरता से सुना जाएगा, ताकि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलित समाधान निकाला जा सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों और निर्णयों का पूरा सम्मान करेगी तथा आगे की सभी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप की जाएगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की प्रकृति, जनभावनाएं और प्रदेश का विकास—तीनों सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। सरकार संवाद, सहमति और व्यापक जनहित के आधार पर ही आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री के इस निर्णय के बाद परियोजना को लेकर चल रही बहस के बीच फिलहाल पेड़ों की कटाई पर रोक लगने से पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों को राहत मिली है।

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