देहारदून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद अब 2015 में हुई उत्तराखंड पुलिस की दारोगा भर्ती पर भी जांच भी तलवार लटक गई है। डीजीपी उत्तराखंड अशोक कुमार की ओर से शासन को पत्र भेजकर भर्ती में लगे घपलों की जांच कराने की सिफारिश शासन से की। शासन ने इसे मंजूर करते हुए जांच विजिलेंस को सौंप दी। यह भर्ती तत्कालीन कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में हुई थी।
दारोगा के 339 पदों पर हुई सीधी भर्ती की परीक्षा की जिम्मेदारी गोविंद बल्लभ पंत विश्वविद्यालय पंतनगर को दी गई थी। उस दौरान भी भर्ती में घपले के आरोप लगे थे, लेकिन सरकार की ओर से कोई जांच न कराने के कारण मामला दब गया। आयोग की परीक्षा में पेपर लीक प्रकरण की जांच कर रही एसटीएफ ने जब गुरुवार को पंतनगर यूनिवर्सिटी के पूर्व असिस्टेंट एस्टेब्लिसमेंट आफिसर (एईओ) दिनेश चंद्र को गिरफ्तार किया तो इसके बाद दारोगा भर्ती फिर विवादों में आ गई। एसटीएफ के अनुसार दिनेश चंद्र 2006 से 2016 तक यूनिवर्सिटी के परीक्षा सेल में तैनात था।

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