ऋषिकेश: महिला को झूठे केस में फंसाना पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश भवदीप रावते की अदालत ने ऋषिकेश कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह सहित आठ अन्य पुलिस कर्मियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए हैं। वर्ष 2021 के एक मामले में महिला की शिकायत पर यह आदेश जारी किए गए हैं। रितेश शाह वर्तमान में मुनिकीरेती में तैनात हैं।
गुमानी वाला निवासी लता कांडपाल ने 24 जुलाई 2023 को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश भवदीप रावते की अदालत में प्रार्थना दिया था। जिसमें लता कांडपाल ने वर्ष 2021 के अप्रैल माह में कोविड काल के दौरान प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह सहित कई अन्य पुलिस कर्मियों पर उनके खिलाफ झूठा मुकदमा कर फंसाने का आरोप लगाया था। तब रितेश शाह कोतवाली ऋषिकेश के प्रभारी निरीक्षक थे। लता ने आरटीआई के तहत कोतवाली की सीसीटीवी फुटेज भी मांगी थी।
फुटेज को न्यायालय को भी दिखाया गया था। फुटेज में थाना परिसर के अंदर कई गतिविधियां ऐसी हैं जिन्हें न्यायालय ने उल्लंघन माना है। लता कांडपाल के अधिवक्ता रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश भवदीप रावते की अदालत ने रितेश शाह सहित उपनिरीक्षक रघुवीर कापरवान, उत्तम रमोला, मीनू यादव, एचसीपी जयपाल सिंह, कांस्टेबल आदित्य, मनोज बिष्ट और सत्यवीर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए हैं।

More Stories
हरिद्वार में बड़ा हादसा: बंद पड़ी गंगनहर में डूबने से चार कांवड़ यातत्रियों की मौत
35 सैकेंड रोई फिर बोली, ‘मम्मी अब सहा नहीं जाता’, हर्रावाला में शिक्षिका ख़ुदकुशी की जांच CBCBI को ट्रांसफर
विजिलेंस का ट्रैप, संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार