
देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआइपी को लेकर जारी विवाद के बीच इस कदम की भनक एलआइयू को न लगने को गंभीरता से लिया गया है। अंकिता के माता-पिता के दिल्ली पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने की जानकारी समय पर नहीं मिलने के मामले में पौड़ी गढ़वाल के लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआइयू) इंस्पेक्टर सरदेव सिंह को निलंबित कर दिया गया है। डीजी इंटेलिजेंस कार्यालय ने निलंबन की पुष्टि की है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर प्रदेश की राजनीति और सार्वजनिक बहस के केंद्र में है। मामले में कथित वीआइपी के रूप में चर्चा में रहे व्यक्ति को राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद से विरोध तेज हुआ है। अंकिता के माता-पिता ने भी इस नियुक्ति पर नाराजगी जताई और न्याय की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन किया।
इंडिया गेट पर प्रदर्शन में पहुंचे थे राहुल और प्रियंका
दिल्ली में अंकिता के माता-पिता के धरने की जानकारी सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पवन खेड़ा और अलका लांबा सहित कई नेता और सामाजिक कार्यकर्ता उनके समर्थन में पहुंचे। इसके बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया।
माता-पिता के दिल्ली पहुंचने की सूचना पहले नहीं मिल पाने को खुफिया तंत्र की चूक माना जा रहा है। घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी दिल्ली पहुंचे थे। पौड़ी की जिलाधिकारी को भी दिल्ली बुलाए जाने की जानकारी सामने आई थी।
अब एलआइयू इंस्पेक्टर के निलंबन से पुलिस विभाग में जवाबदेही का सवाल उठ रहा है। हालांकि, संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के विस्तृत कारणों और विभागीय जांच के निष्कर्षों की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।




