July 24, 2026

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उरेडा के परियोजना अधिकारी को 40 हजार रुपये रिश्वत लेते विजिलेंस ने रंगे हाथ पकड़ा

बागेश्वर। उत्तराखंड सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) के परियोजना अधिकारी को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी पर सोलर प्लांटों की संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट (जेआईआर) तैयार करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत दर्ज कराई थी कि बागेश्वर स्थित उरेडा कार्यालय में उसके सोलर प्लांटों से संबंधित संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट (JIR) लंबे समय से लंबित पड़ी है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि परियोजना अधिकारी धीरेन्द्र सिंह पटवाल प्रत्येक फाइल के निस्तारण के लिए 10 से 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। वर्तमान में शिकायतकर्ता की चार फाइलें लंबित थीं, जिनके निस्तारण के लिए कुल 40 हजार रुपये की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए विजिलेंस से कार्रवाई की मांग की।

शिकायत की गोपनीय जांच सतर्कता अधिष्ठान द्वारा कराई गई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी के निर्देश पर निरीक्षक के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया।
शुक्रवार 24 जुलाई 2026 को विजिलेंस की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए उरेडा बागेश्वर में तैनात परियोजना अधिकारी धीरेन्द्र सिंह पटवाल को शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से राजनगर, पीरूमदारा, रामनगर (जनपद नैनीताल) का निवासी है।

गिरफ्तारी के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि क्या रिश्वतखोरी के ऐसे अन्य मामले भी सामने आए हैं।

इस कार्रवाई के बाद सतर्कता निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने प्रदेशवासियों से भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है तो इसकी सूचना सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9456592300 पर दें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि आम जनता के सहयोग से ही भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

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