April 29, 2026

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अय्याशी के अड्डे बने होमस्टे पर चला प्रशासन का डंडा, 17 के लाइसेंस निरस्त

देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल ने अवैध रूप से संचालित हो रहे होमस्टे के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। “ऑपरेशन सफाई” के तहत जिला प्रशासन ने प्रथम चरण में 17 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए हैं, साथ ही इन्हें पर्यटन विभाग की वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी यह अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।

जांच के दौरान यह सामने आया कि कई होमस्टे होटल की तरह संचालित किए जा रहे थे, जहां नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही थी। कुछ स्थानों पर रातभर अवैध रूप से बार संचालन, तेज आवाज में डीजे और नशाखोरी जैसी गतिविधियां चल रही थीं, जिससे ये स्थान अय्याशी के अड्डों में तब्दील होते जा रहे थे। ऐसे होमस्टे में उपद्रवी प्रवृत्ति के लोगों के ठहरने से आसपास के क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बन रहा था।

जिलाधिकारी के निर्देश पर महज सात दिनों के भीतर मजिस्ट्रेट की पांच टीमों का गठन कर सहसपुर और रायपुर विकासखंड के नगरीय क्षेत्रों में पंजीकृत होमस्टे की सघन जांच की गई। निरीक्षण में 17 ऐसे होमस्टे चिन्हित किए गए, जो उत्तराखंड होमस्टे नियमावली के मानकों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे थे। इन सभी के पंजीकरण निरस्त करने की संस्तुति को प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से लागू किया।

जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अनेक होमस्टे में रसोई की व्यवस्था नहीं थी, अग्निशमन उपकरण या तो उपलब्ध नहीं थे या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। कई जगहों पर होमस्टे का उपयोग बारात घर या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। कुछ इकाइयों में मालिक का निवास ही नहीं पाया गया और उन्हें लीज या किराये पर चलाया जा रहा था। निर्धारित क्षमता से अधिक कमरों का संचालन भी किया जा रहा था। इसके अलावा विदेशी नागरिकों के ठहराव से संबंधित अनिवार्य सी-फॉर्म की जानकारी कई स्थानों पर उपलब्ध नहीं कराई गई। निरंजनपुर में एक होमस्टे में विदेशी मेहमानों की सूचना नहीं दी गई, जबकि बल्लूपुर क्षेत्र में पंजीकरण से अधिक कमरों का संचालन पाया गया। मसूरी क्षेत्र में भी स्वामित्व परिवर्तन और नवीनीकरण न कराने जैसी अनियमितताएं उजागर हुईं।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट कहा कि होमस्टे योजना का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि करना है, लेकिन नियमों की अनदेखी कर इसे व्यावसायिक होटल की तरह चलाना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और आमजन की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन ने सभी होमस्टे संचालकों को चेतावनी दी है कि वे नियमों का सख्ती से पालन करें, अन्यथा भविष्य में और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। “ऑपरेशन सफाई” के जरिए जिला प्रशासन अव्यवस्था के उन कारकों को खत्म करने में जुटा है, जो शहर की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे हैं।

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