अपराध

11 साल के मासूम की गला घोंटकर हत्या, 11 दिन बाद खुला राज, पिता से थी रंजिश

देहरादून: रंजिश के चलते दो आरोपियों ने मिलकर 11 साल के मासूम की गला घोंटकर हत्या कर दी। बच्चे का शव वह जंगल मे फेंककर घर पहुंच गए और पुलिस व परिवार की आंखों में धूल झोंकने के लिए बच्चे को ढूंढने का ड्रामा करने लगे। 11 दिन बाद हत्या के मामले से पर्दा उठा तो सेलाकुई थाना पुलिस ने हत्या में शामिल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के मुताबिक मंगलवार को इरफान निवासी धामपुर, बिजनौर वर्तमान निवासी पीठ वाली गली, सेलाकुई ने प्रार्थना पत्र दिया कि उनके पुत्र अरमान, उम्र 11 वर्ष घर से बिना बताए कही चले गया है, जिसको काफी ढूंढने का प्रयास किया, परन्तु वह नही मिला। तहरीर पर थाना सेलाकुई में तत्काल मुकदमा पंजीकृत किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए गुमशुदा नाबालिक बच्चे की तलाश के लिए थाना सेलाकुई सेंकी कुमार को दिशा निर्देश जारी किए गए। पुलिस ने घर व आसपास आने-जाने वाले मार्गो पर लगे सीसीटीवी कैमरो की फुटेज को चैक किया गया, साथ ही आसपास के व्यक्तियों से पूछताछ व सर्विलांस के माध्यम सेे भी गुमशुदा बालक के सम्बंध में जानकारी की गई।

सीसीटीवी फुटेजो के अवलोकन के दौरान पुलिस टीम को एक बच्चा एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति के साथ जाता हुआ दिखाई दिया, उक्त फुटेज को गुमशुदा बालक के पिता को दिखाने पर उनके द्वारा उक्त बच्चे की पहचान अपने पुत्र के रूप में की गई, साथ ही मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति का हुलिया उनकी पहचान के अरबाज नाम के व्यक्ति से मिलता-जुलता बताया, जो सेलाकुई क्षेत्र में ही मजदूरी का काम करता है।
जिस पर पुलिस टीम ने अरबाज को धूलकोट तिराहे के पास से हिरासत में लिया गया। आरोपी से गुमशुदा बालक के संबंध में सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसने अपने एक अन्य साथी सोहेल के साथ मिलकर बच्चे की 11 जनवरी को ही सुद्वोवाला के जंगल में हत्या कर दी और शव को जंगल में ही छुपा दिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने गुमशुदा बालक के शव को सुद्वोवाला के जंगल से बरामद किया। इसके बाद घटना में दूसरे आरोपी सोहेल को देहरादून रोड गुरुद्वारा पुलिया के पास से गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आरोपी अरबाज ने बताया गया कि वह सेलाकुई क्षेत्र में ही मजदूरी का कार्य करता है तथा मृतक बच्चे के पिता और वह आस-पडोस के गांव के रहने वाले है, जिस कारण उनकी अच्छी जान-पहचान थी। पूर्व में किसी बात को लेकर मृतक बच्चे के पिता से विवाद हो गया था, जिस पर बच्चे के पिता को डराने के उद्देश्य से 11 जनवरी को अपने एक अन्य साथी सोहेल के साथ बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। इस दौरान दोनों ने शराब पी तथा बच्चे को सुद्वोवाला के जंगल में ले जाने के बाद बच्चे ने शोर मचा दिया। नशे में दोनों ने बच्चे का गला दबाकर हत्या कर दी तथा शव को जंगल में छोडकर वापस अपने घर आ गये। घटना के बाद पकड़े जाने के डर से दोनों बच्चे के परिजनो के साथ मिलकर बच्चे की तलाश में उनके साथ इधर-उधर घूमने लगे, जिससे कोई उन पर शक न कर सकें।

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