वर्षों से भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने उपेक्षा का लगाया आरोप, चुनाव से पहले बढ़ सकती हैं चुनौतियां
पौड़ी: राठ क्षेत्र में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक धन सिंह रावत को बड़ा झटका देते हुए राठ क्षेत्र पैठाणी से भाजपा से जुड़े सैकड़ों युवा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। लंबे समय से भाजपा के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहे इन कार्यकर्ताओं ने पार्टी में उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया। एक साथ बड़ी संख्या में युवाओं के पाला बदलने से क्षेत्र की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

कांग्रेस में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक भाजपा के लिए पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ काम किया। चुनावों और पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सम्मान और जिम्मेदारी नहीं मिली। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि लगातार उपेक्षा के कारण उनके बीच असंतोष बढ़ता गया। अब उन्होंने सामूहिक रूप से कांग्रेस के साथ जाने का निर्णय लिया है।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि क्षेत्र के युवाओं की समस्याओं को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जाती रही है। रोजगार, शिक्षा, सड़क, पलायन और स्थानीय स्तर पर अवसरों की कमी जैसे मुद्दे युवाओं के सामने बड़ी चुनौती बने हुए हैं। उनका आरोप है कि इन समस्याओं को लेकर अपेक्षित स्तर पर सुनवाई नहीं हुई। पार्टी से जुड़े रहने के बावजूद जब उन्हें अपनी बात रखने और संगठन में भूमिका निभाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला तो उन्होंने राजनीतिक विकल्प तलाशना शुरू किया।
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा कार्यकर्ताओं के पार्टी में शामिल होने को अपने लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि बताया। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में युवाओं का कांग्रेस से जुड़ना इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में बदलाव की मांग जोर पकड़ रही है। पार्टी ने दावा किया कि आने वाले समय में और भी भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस का रुख कर सकते हैं।
वहीं, भाजपा के लिए यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राठ क्षेत्र को लंबे समय से धन सिंह रावत का मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता है। ऐसे में पार्टी से जुड़े जमीनी कार्यकर्ताओं का एक साथ कांग्रेस में जाना संगठन के लिए चिंता का विषय बन सकता है। खासतौर पर युवा कार्यकर्ताओं के पाला बदलने से चुनावी समीकरणों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए दोनों प्रमुख दल अब क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने में जुटेंगे। कांग्रेस इस घटनाक्रम को भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकती है, जबकि भाजपा के सामने नाराज कार्यकर्ताओं को साधने की चुनौती होगी। हालांकि, सैकड़ों युवाओं के कांग्रेस में शामिल होने का वास्तविक चुनावी असर आने वाले महीनों में ही स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल इस घटनाक्रम ने राठ क्षेत्र की सियासत में हलचल जरूर बढ़ा दी है। यदि भाजपा के भीतर असंतोष को समय रहते दूर नहीं किया गया तो आगामी विधानसभा चुनाव में धन सिंह रावत के सामने संगठनात्मक स्तर पर मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

More Stories
ब्रेकिंग…उत्तराखंड कांग्रेस की नई टीम घोषित, गणेश गोदियाल से करन माहरा तक को जिम्मेदारी
बदरीनाथ चढ़ावा विवाद: प्रेस क्लब में हेमंत द्विवेदी का इंतजार करते रहे गणेश गोदियाल
Breaking: गणेश गोदियाल बने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, प्रीतम सिंह कैंपेन कमेटी के चेयरमैन