देहरादून: पूर्व मंत्री और कांग्रेस के नेता डा. हरक सिंह रावत विजिलेंस के निशाने पर आ गए हैं। कार्बेट नेशनल पार्क में अवैध कटान और निर्माण सहित तमाम अनियमितताओं के मामले में विजिलेंस ने बुधवार को पूर्व मंत्री के कई ठिकानों पर छापे मारे।बताया जा रहा है कि हरक सिंह रावत ने सरकारी फंड का दुरुपयोग किया है। जो सामान कार्बेट पार्क में लगना था वह हरक सिंह रावत ने वनमंत्री रहते हुए अपने बेटे के कालेज व अन्य ठिकानों पर लगाने का आरोप है।
प्रकरण में विसिलेंस ने सेवानिवृत्त अधिकारी किशनचंद सहित तीन अधिकारियों के खिलाफ जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना में पूर्व मंत्री का नाम भी सामने आया है। उत्तराखंड वन विभाग में कार्बेट नेशनल पार्क के अंदर अवैध निर्माण समेत तमाम अनियमितताओं की शिकायत मिली थी। इस मामले में नौ नवंबर 2021 को शासन ने विजिलेंस को जांच सौंपी थी। विजिलेंस ने जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी, जिसमे सेवानिवृत्त आईएफएस किशनचंद सहित कैम्पा के तीन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की। घटना पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत के कार्यकाल के दौरान की है ऐसे में जांच की आंच उनके ऊपर भी आ गई है।

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