नैनीताल: वित्तीय अनियमितताओं में घिरे नगर पालिका पौड़ी के चेयरमैन यशपाल बेनाम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उच्च न्यायालय ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि पूर्व में कोर्ट ने सरकार को याचिका में लगाए गए आरोपों पर दो सप्ताह के भीतर प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा था लेकिन आज तक सरकार ने आदेश का अनुपालन नहीं किया, ना ही कोर्ट में प्रगति रिपोर्ट पेश की।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ में पौड़ी गढ़वाल निवासी नमन चंदोला की जनहित याचिका पर सुनवाई की। पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम पर लाखों का वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार पालिकाध्यक्ष ने 2014 से 2017 तक एक पार्किंग का पैसा नगर पालिका हैड में जमा नहीं कराया है। नगर पालिका के लिए 51 लाख का समान खरीदा जाना था, उसका बिना टेंडर के पास करा दिया। रोड कटान में जो आरबीएम मिला था, उसका 17 लाख भी जमा नहीं किया, जब इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई तो एसडीएम ने जांच की । जांच में अनियमितता के सभी आरोप सही पाए गए पर सरकार ने पालिकाध्यक्ष के विरुद्ध कोई एक्शन नहीं लिया।

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