July 13, 2026

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भाजपा विधायक ने नगर निगम देहरादून में किया हंगामा, नगर आयुक्त से तू तड़ाक से बात की, टेंडर न मिलने से थे नाराज

देहरादून: परिचित को टेंडर न मिलने से नाराज भाजपा सल्ट विधायक महेश जीना आग बबूला हो गए। वह अपने तमाम कार्यकर्ताओं के साथ नगर निगम देहरादून पहुंचे और नगर आयुक्त गौरव कुमार के साथ जमकर अभद्रता की। विधायक ने नगर आयुक्त से तू तड़ाक से बात करते हुए गाली गलोच की और देख लेने की धमकी दी। विधायक की अभद्रता से नाराज निगमकर्मियों ने जमकर नारेबाजी की और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।

विधायक का आईएएस से अभद्रता का वायरल हो रहा वीडियो।

अल्मोड़ा जिले की सल्ट सीट से भाजपा विधायक महेश जीना का वीडयो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें वह देहरादून नगर निगम के नगर आयुक्त गौरव कुमार को धमकाते हुए दिख रहे हैं। सीधे तू-तड़ाक वाले इस वीडियो में नगर आयुक्त ऐसा न करने का आग्रह कर रहे हैं। लेकिन, विधायक का पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। जिसके बाद नगर आयुक्त इतने व्यथित हो गए कि उन्होंने अपना इस्तीफा देने तक की बात कह डाली। उधर, विधायक के इस अभद्र व्यवहार से खिन्न नगर निगम कर्मचारियों ने बुधवार से सफाई व्यवस्था समेत किसी भी तरह के कामकाज न करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जब तक विधायक जीना सामूहिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं, तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।

नगर निगम देहरादून में चल रहा हंगामा।

बताया जा रहा है कि भाजपा विधायक महेश जीना संभवतः अपने किसी परिचित के टेंडर को लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंचे थे। कहा जा रहा है कि यह टेंडर निरस्त कर दिया गया है। इससे खिन्न भाजपा विधायक पहले स्वास्थ्य अनुभाग में हेड क्लर्क पवन थापा के पास पहुंचे। वाजिब जानकारी न मिलने के बाद वह धड़धड़ाते हुए आइएएस अधिकारी नगर आयुक्त गौरव कुमार के कार्यालय में घुस गए। जिसके बाद तनातनी और असहज करने वाले माहौल और भाषा का यह वीडियो बाहर आ गया। इस घटना के बाद सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने इसे सत्ता का अहंकार बताया है।

विरोध जताते नगर निगम के कर्मचारी।

उधर इस मामले में विधायक सल्ट महेश जीना ने कहा कि उन पर बेवजह बदसलूकी का आरोप लगाकर मामले का तूल दिया जा रहा है। कहा कि उनके एक परिचित ने सहस्रधारा रोड स्थित लीगेसी वेस्ट के निस्तारण के लिए टेंडर डाला था। उसे निरस्त कर दिया गया। परिचित ने उनसे शिकायत की थी कि बिना कारण बताए निगम अधिकारियों ने अपने चहेतों को टेंडर दे दिया है। उनकी शिकायत के बाद वह निगम पहुंचे थे। वहां पहुंचकर उन्होंने नगर आयुक्त को फोन किया, लेकिन उन्होंने सचिवालय में होने की बात कही। जब वह जहां टेंडर की फाइल रखी गई थी वहां पहुंचे और उनसे फाइल दिखाने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया। कहा कि जो उस समय उनसे बात कर रहा था वह कर्मचारी नहीं कोई और था।

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