धर्म संस्कृति

जनजाति के लोकनृत्य, संगीत, परंपरागत कला और रीति-रिवाजों के प्रदर्शन ने किया मंत्रमुग्ध

देहरादून: सीमांत भोटिया जनजाति नवज्योति सेवा समिति की ओर से शीतकालीन दीप महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रायपुर के विधायक उमेश शर्मा काऊ मुख्य मेहमान के रूप में उपस्थित हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनजाति की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण और उसका प्रसार करना था। इसमें जनजाति के लोकनृत्य, संगीत, परंपरागत कला और रीति-रिवाजों का प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से भोटिया जनजाति के लोगों ने भाग लिया और अपनी संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम की शुरुआत भोटिया जनजाति के पारंपरिक अनुष्ठान ‘देव पूजा’ से हुई, जिसमें देवताओं का आह्वान किया गया। इसके बाद लोकनृत्य और गीतों की श्रंखला शुरू हुई, जिसमें भोटिया महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुति दी। इस मौके पर विधायक उमेश शर्मा ने बताया कि वह पहली बार समिति के कार्यक्रम में उपस्थित हुए हैं। उन्होंने भोटिया जनजाति की सांस्कृतिक धरोहर की प्रशंसा की और इस तरह के कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल जनजाति की पहचान मजबूत होती है, बल्कि पर्यटन और आर्थिक विकास के नए द्वार भी खुलते हैं। इस मौके पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य व भोटिया जनजाति का नाम बढ़ाने वाली सख्शीयतों को सम्मानित भी किया। समिति ऐसे कार्यक्रमों के आयोजनाें के लिए पांच लाख रुपये देने की घोषणा की।

समिति के अध्यक्ष धामी कोषवाल, महासचिव बीएल कोषवाल व उपाध्यक्ष रघुबीर हिंदवाल ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना और उन्हें अपनी परंपराओं के प्रति जागरूक करना था। इस मौके पर संरक्षक बीएल हिंदवाल, कोष संरक्षक प्रताप हिंदवाल, मुख्य सलाहकार भोपाल भोटिया, संयोजक मुकेश शाह, विधि सलाहकार श्याम बौठियाल भी मौजूद रहे।

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