नैनीताल: साढ़े आठ साल की मासूम अब खुले में सांस ले सकेगी। उच्च न्यायालय ने 8.5 साल की नाबालिग लड़की को दादा और दादी की अवैध हिरासत से मुक्त कराए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई की। न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा व न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए नाबालिग लड़की को उसके अवैध हिरासत से मुक्त कराकर उसे दादा के साथ 24 अक्टूबर को 10:30 बजे दस कोर्ट में पेश करने के निर्देश थानाध्यक्ष उत्तरकाशी को दिए। साथ ही पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी को आदेश का अनुपालन कराना सुनिश्चित करवाने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई को 24 अक्टूबर की तिथि नियत की है।
उत्तरकाशी निवासी एक महिला ने याचिका दायर कर कहा है कि उसका पति नशे का आदी है। वह नाबालिग बेटी की देखभाल करने के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है। लड़की के जन्म के समय उसके दादा और दादी ने बेटी होने पर असंतोष व्यक्त किया था। वह इसके लिए याचिकाकर्ता को लगातार मानसिक रूप से परेशान करते रहे। अब उन्होंने उसकी नाबालिग बेटी को अवैध रूप से अपनी हिरासत में रखा हुआ। याचिका में बेटी को अवैध हिरासत से मुक्त कराने के लिए एसपी उत्तरकाशी व थानाध्यक्ष उत्तरकाशी को निर्देश दिए जाने की प्रार्थना की है।

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