देहरादून: फर्जी दस्तावेजों जमा कर स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनाने के मामले में क्लेमेनटाउन थाना पुलिस व रायपुर थाना पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज किए हैं। जिलाधिकारी के आदेश पर पुलिस ने यह मुकदमे दर्ज किए किए हैं। पहली शिकायत में राजस्व उपनिरीक्षक भारूवाला डिंपल ने बताया कि तृप्ति नाम युवती ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था।
राजस्व उपनिरीक्षक ने बताया कि उनकी ओर से प्रस्तुत शपथपत्र व साक्ष्यों के आधार पर आख्या दे दी गई थी, जिसके आधार पर 13 अगस्त को प्रमाणपत्र जारी हो गया। जिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त आदेशों के अनुपालन में जब दस्तावेजों की जांच की गई तो दस्तावेजों व स्थलीय जांच करने पर पाया कि तृप्ति की माता उमा रानी का आधार कार्ड सही नहीं पाया गया, उसमें आधार कार्ड नंबर केवल 11 अंकों था।
उन्होंने बताया कि उमारानी की ओर से शपथपत्र में अपना निवास दूधा देवी मंदिर मोथरोवाला प्रदर्शित किया गया। स्थलीय जांच व स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई तो पता चला कि तृप्ति व उमारानी का परिवार मोथरोवाला में कभी निवासरत नहीं रहा। जांच के आधार पर खुद को लाभ पहुंचाने की नीयत से एक सरकारी पोर्टल का इस्तेमाल करते हुए फर्जी आवदेन किया गया तथा प्रमाणपत्र बनवा दिया। थानाध्यक्ष क्लेमेनटाउन लोकपाल परमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर तृप्ति व उसकी मां उमा रानी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
फर्जी दस्तावेज लगाकर किया आनलाइन आवदेन
फर्जीवाड़ा कर स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनाने का एक मामला रायपुर क्षेत्र में भी सामने आया है। राजस्व उपनिरीक्षक कंडोली रायपुर जगदीश कुमार ने बताया कि कुमारी खुशी, परी व स्वाति तीनों निवासी राजीव नगर तरली कंडोली की ओर से स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनाने के लिए आनलाइन आवेदन किया गया था। दस्तावेजों की जांच में आधार कार्ड कूटरचित पाया गया। स्थलीय निरीक्षण में पता चला कि तीनों इस पर कभी नहीं रहे। जांच के आधार पर तीनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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