May 16, 2026

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SSC GD परीक्षा से पहले हाइटेक नकल गैंग का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार

देहरादून: 18 मई को आयोजित होने वाली स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) की कांस्टेबल जीडी ऑनलाइन परीक्षा से पहले उत्तराखंड एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नेहरू ग्राम स्थित सेंट जोंस एकेडमी परीक्षा केंद्र को सील कर दिया है। नकल की आशंका के मद्देनजर की गई इस कार्रवाई में एसटीएफ ने एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है, जिसके तार पहले पकड़े जा चुके हाईटेक नकल गिरोह से जुड़े पाए गए हैं।
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह के अनुसार गिरफ्तार आरोपी का संबंध 13 फरवरी 2026 को देहरादून के महादेवी कन्या पाठशाला परीक्षा केंद्र में पकड़े गए हाईटेक नकल सेंटर से है। उस समय भी पुलिस ने अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया था। अब उसी नेटवर्क से जुड़े इस आरोपी की गिरफ्तारी से पूरे मामले में नए खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि 18 मई को एसएससी की कांस्टेबल जीडी की आनलाइन परीक्षा होनी है। परीक्षा को लेकर दो टीमों का गठन किया गया। गोपनीय सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने ईश्वरी प्रसाद उर्फ इंद्रजीत शर्मा उर्फ इंद्र निवासी शिवराम पार्क नागलैई थाना निहाल विहार दिल्ली को नेहरू ग्राम देहरादून स्थित सैंट जोंस एकेडमी से गिरफ्तार किया गया। आरोपित के पास से दो इंटरनेट राउटर भी बरामद हुए, जिन्हें आरोपी की ओर से सैंट जोंस एकेडमी की लैब में लगाया जा रहा था।

एसएसपी ने बताया कि एसएससी की ओर से आयोजित मल्टीटास्किग (नान टेक्निकल) स्टाफ और हवलदार आनलाइन परीक्षा में नकल कराने के संबंध में दिनांक 14 फरवरी 2026 को शहर कोतवाली में सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम के तहत एक मुकदमा दर्ज कराया गया था। मुकदमे की संवेदनशीलता व तकनीकी जांच को देखते हुए इस मुकदमे की विवेचना एसटीएफ की ओर से की जा रही है।एसटीएफ टीम की ओर से मुकदमे की विवेचना के दौरान कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के सदस्य ईश्वरी प्रसाद को गिरफ्तार किया गया। 13 फरवरी को परीक्षा केंद्र सेंटर महादेवी कन्या पाठशाला देहरादून में एसएससी की ओर से आयोजित मल्टीटास्किग (नान टेक्निकल) स्टाफ व हवलदार की आनलाइन परीक्षा में इसी आरोपी ने पूरी नेटवर्किंग कर परीक्षा लैब, सर्वर रूम व अंडर ग्राउंड चैंबर तैयार किया गया था।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने दिल्ली में अलग-अलग दुकानों में इलेक्ट्रिकल व नेटवर्किंग का काम सीखा और दिल्ली में ही स्कूलों, कालेज व दुकानों में इलेक्ट्रिकल व नेटवर्किंग से संबंधित कामों का ठेका लेता था। वह नितिश कुमार जिसे एसटीएफ ने पूर्व में गिरफ्तार था, के साथ काम करता था। इसी दौरान कोरोनाकाल में उसकी मुलाकात योगेश उर्फ योगी उर्फ इंद्रजीत उर्फ जैक नाम के व्यक्ति से हुई। उसने योगेश का भी लैब बनाने का काम किया था ।

एमकेपी देहरादून स्थित महादेव डिजिटल जोन की लैब के बारे में आरोपित ने बताया कि अक्टूबर वर्ष 2024 में योगेश उर्फ योगी व नितिश कुमार के साथ वह देहरादून आया और इसकी मुलाकात शुभम भटनागर जोकि महादेव डिजिटल जोन का मालिक है व अंशुल कुमार से कराई। इन सभी के उसने लैब का पूरा सेटअप तैयार किया था। जिसमें सर्वर रूम से इथरनेट केबल का एक अलग कनेक्शन यूपीएस रूम के नीचे बने चेंबर तक पंहुचाया, जिससे कि प्रश्नपत्र के साल्वर कुछ सिस्टमों का रिमोट एक्सेस ले सकें। आरोप की गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक लैपटाप, चार मोबाइल फोन, 14 ब्लूटूथ डिवाइस व रिसिवर डिवाइस, 20 बैटरी, दो राउटर व फर्जी आईडी कार्ड बरामद हुए हैं।

2025 में हुई परीक्षा में कराई थी नकल, चल रहा था फरार

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि नवंबर 2025 में एसएससी की ओर से आयोजित टियर प्रथम मल्टी टास्किंग स्टाफ परीक्षा एवं क्लेरीकल स्टाफ की परीक्षा में हुई नकल के संबंध में शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें आरोपित ईश्वरी प्रसाद फरार चल रहा था जबकि उसके साथी दीपक निवासी रोहतक, हरियाणा को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ में नेहरू ग्राम स्थित सैंट जोंस एकेडमी व कुछ अन्य स्थानों के सर्वर का कंपरोमाइज होना जानकारी में आया है। इस संबंध में तत्काल रूप से क्षेत्रीय निदेशक, स्टाफ सलेक्शन कमीशन, दिल्ली को सूचना दी जा चुकी है। आरोपित ईश्वरी प्रसाद से पूछताछ में और भी कई अहम जानकारी सामने आई है।

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