उत्तराखंड: भारी बारिश के कारण तबाही का आलम जारी है। आपदा में कुछ ने अपनों ने खोया है वहीं कुछ घरों से बेघर हो गए। शुक्रवार प्रातः 03 जगह बादल फटे, जिसके कारण भारी क्षति हुई है। नदियों के बढ़े जलस्तर ने लोगों के दिलों में खौफ पैदा कर दिया है। हालांकि आपदा प्रभावितों को बचाने के लिये एसडीआरएफ के जवान देवदूत। बनकर आए औऱ अपनी जान की परवाह न करते हुए आपदा पीड़ितों की जान बचाने में जुटे हुए हैं।
बादल फटने की सूचना सर्वप्रथम रुद्रप्रयाग जिले से आई। यहां ऊखीमठ के अंतर्गत बसुकेदार रोड पर तालजामन गांव में बादल फटने के कारण सैलाब आया। कई मकानों को क्षति पहुंची। आपदा के कारण कुम्द में 30 लोग फंस गए। एसडीआरएफ ने बड़ी मशक्कत के बाद फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। यहां बादल फटने की घटना के कारण एक महिला गांव जखोली में व कुछ व्यक्ति छेनागाड डूंगर में लापता हैं।

दूसरी घटना चमोली के अंतर्गत देवाल की है। प्रातः 3 बजे बादल फटने के कारण ग्राम मोपटा में एक घर मे मलबा आने से 02 लोग दब गए, जिनके शव बरामद कर लिए गए हैं। तीसरी घटना बागेश्वर से कन्याली कोट पोसारी ग्राम सिमोटी की है। यहां बादल फटने से 02 लोगों के शव बरामद किए गए हैं जबकि एक घायल को रेस्क्यू किया गया। यहां अभी 03 लापता हैं।

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